AI के सामने आने के बाद लगातार ये सवाल उठाए जा रहे हैं कि AI रोजगार को खत्म कर देगा. अब इस पर माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष पुनीत चंदोक ने बयान जारी किया है. उन्होंने कहा, AI रोजगार को पूरी तरह समाप्त नहीं करेगा, बल्कि नौकरियों को छोटे-छोटे कामों में बांट देगी. उन्होंने कहा कि किसी भी नौकरी में कई तरह के काम शामिल होते हैं. AI उन कामों को अलग-अलग हिस्सों में बांट देगा. इसलिए नौकरियां खत्म नहीं होंगी, बल्कि उनका स्वरूप बदलेगा. उन्होंने यह बात Confederation of Indian Industry के एक कार्यक्रम में कही, जो नई दिल्ली में आयोजित भारत AI प्रभाव शिखर सम्मेलन 2026 का हिस्सा था.
चंदोक ने कहा कि AI पहले की तकनीकों जैसे इंटरनेट, मोबाइल या क्लाउड से अलग है. उनके अनुसार, मानव इतिहास में पहली बार हमारे पास intelligence का निर्माण करने की क्षमता है. उन्होंने कहा कि intelligence दुनिया की सबसे मूल्यवान संपत्ति है. उन्होंने बताया कि लगभग 3 वर्ष पहले आए चैट आधारित AI के बाद से तकनीक में बहुत तेज प्रगति हुई है. आज के मॉडल कुछ महीने पहले की तुलना में कहीं अधिक सक्षम हैं. उनके अनुसार, भारत अब AI के क्षेत्र में एक बड़े बदलाव के लिए तैयार है और यह सदी भारत की AI की सदी हो सकती है.
कितने लोग कर रहे हैं AI का इस्तेमाल
माइक्रोसॉफ्ट की रिसर्च का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत में 92 प्रतिशत ज्ञान आधारित कर्मचारी AI का उपयोग कर रहे हैं और 77 प्रतिशत लोग इसका रोजाना इस्तेमाल करते हैं. यह दर दुनिया में सबसे अधिक है. उन्होंने यह भी कहा कि 59 प्रतिशत कंपनियां AI आधारित सहायक प्रणालियों को अपनाने की तैयारी कर रही हैं.
AI कितना अहम
उन्होंने कहा कि AI अब सिर्फ एक साधन नहीं रहेगी, बल्कि एक डिजिटल सहकर्मी की तरह काम करेगी. भविष्य में यह सिर्फ फोन या कंप्यूटर पर मौजूद उपकरण नहीं होगी, बल्कि एक सच्चे साथी की तरह कार्य करेगी. ऐसे सहायक आपकी अनुमति से काम करेंगे, भले ही आपकी सीधी भागीदारी न हो.
नौकरियों का क्या होगा?
चंदोक ने कहा कि AI व्यापार मॉडल को भी बदलेगी. अभी कई सेवाएं समय के आधार पर शुल्क लेती हैं. लेकिन, अगर कोई प्रणाली 30 सेकंड में कानूनी दस्तावेज तैयार कर सकती है, तो प्रति घंटे के आधार पर शुल्क लेना संभव नहीं होगा. उन्होंने कहा कि भारत में AI को बढ़ावा देने के लिए सरकार नीतियों और बुनियादी ढांचे में निवेश कर रही है. बजट में AI और क्लाउड के लिए धन आवंटित किया गया है. ऊर्जा, चिप, टोकन, मॉडल और अनुप्रयोग तक का एक समग्र ढांचा तैयार किया जा रहा है.
भारत कितना करेगा निवेश
उन्होंने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट आने वाले वर्षों में भारत में डाटा केंद्रों के विस्तार के लिए 17.5 अरब डॉलर का निवेश करेगी. उद्योग संगठन का राष्ट्रीय AI मंच अपनाने, नवाचार और संतुलित नियमों पर ध्यान दे रहा है ताकि इस तकनीक का लाभ लोगों, पर्यावरण और विकास को मिल सके। इस सप्ताह लगभग 700 कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.
चंदोक ने कहा कि कौशल विकास सबसे अहम है. अगर लोग रोज नई चीजें नहीं सीखेंगे तो वो पीछे रह जाएंगे. जब भारत के एक अरब लोग AI के साथ आगे बढ़ेंगे, तभी देश में वास्तविक परिवर्तन आएगा.


