बांग्लादेश के कार्यवाहक प्रमुख मोहम्मद युनुस ने सोमवार को अपने आखिरी भाषण में भारत के पूर्वोत्तर के 7 राज्यों का नाम नेपाल और भूटान के साथ लिया और कहा कि इन सबके साथ मिलकर बड़ा आर्थिक विकास हो सकता है.
उन्होंने कहा कि उनके 18 महीने के कार्यकाल में बांग्लादेश ने अपनी संप्रभुता, राष्ट्रीय हित और सम्मान को फिर से मजबूत किया और अब देश किसी दूसरे के दबाव में काम नहीं करेगा.
भारत के राज्य को लेकर क्या कहा
यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश का समुद्र सिर्फ सीमा नहीं है बल्कि दुनिया से जुड़ने का रास्ता है और नेपाल, भूटान और भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के साथ मिलकर इस पूरे इलाके में बहुत मौके हैं.
उन्होंने कहा कि आपसी संपर्क बढ़ाकर, व्यापार समझौते करके, औद्योगिक इलाके बनाकर और समुद्री रास्तों का इस्तेमाल करके साथ मिलकर आगे बढ़ा जा सकता है.
यूनुस की सरकार अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद बनी थी और अब सत्ता Bangladesh Nationalist Party को दी जा रही है.
बीएनपी के प्रमुख तारिक रहमान की पार्टी ने 12 फरवरी के चुनाव में 297 में से 209 सीटें जीत ली हैं और अब नई सरकार बनाने जा रही है.
US-चीन का किया ज़िक्र
अपने भाषण में यूनुस ने चीन, जापान, अमेरिका और यूरोप से रिश्ते मजबूत करने की बात कही और तीस्ता नदी परियोजना जैसे बड़े कामों का जिक्र किया.
भारत से रिश्तों में तनाव
उनके कार्यकाल में भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव रहा और भारत ने खासकर हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई.
आखिर में यूनुस ने लोगों से कहा कि वे एक न्यायपूर्ण और लोकतांत्रिक बांग्लादेश बनाने के लिए मेहनत करते रहें और सेना प्रमुख Waker-Uz-Zaman का चुनाव के दौरान साथ देने के लिए धन्यवाद किया.


