भारत ने महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ के तीसरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 17 रन से हराकर इतिहास रच दिया. इस जीत के साथ भारत ने ऑस्ट्रेलिया की ज़मीन पर टी20I सीरीज़ अपने नाम की, जो पिछले कई सालों में बेहद मुश्किल माना जाता रहा है. यह जीत सिर्फ स्कोर की नहीं थी, बल्कि आत्मविश्वास, जज़्बे और दमदार प्रदर्शन की कहानी थी.
एडिलेड ओवल में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और शेफाली वर्मा जल्दी आउट हो गईं. इसके बाद स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स ने मोर्चा संभाला और मैदान पर ऐसा साझेदारी शो किया जिसने दर्शकों का दिल जीत लिया. दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 121 रन जोड़े, जो भारत की इस फॉर्मेट में अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी है. मंधाना ने 82 रनों की शानदार पारी खेली, वहीं रोड्रिग्स ने 59 रन बनाकर पारी को मज़बूती दी.
भारत ने 6 ओवर में बनाए 54 रन
शुरुआत में मंधाना थोड़ा संभलकर खेल रही थीं, लेकिन जेमिमा की आक्रामक बल्लेबाज़ी ने दबाव पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया पर डाल दिया. पावरप्ले के बाद मंधाना ने गियर बदला और खूबसूरत शॉट्स लगाने शुरू किए. भारत ने 6 ओवर में 54 रन बना लिए और मिड ओवर्स में रन रफ्तार और तेज़ हो गई. मंधाना ने 38 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद दोनों बल्लेबाज़ लगातार बाउंड्री लगाती रहीं.
महिला टी20I का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर
हालांकि अंत में भारत की पारी थोड़ी लड़खड़ा गई और आखिरी ओवरों में 9 गेंदों पर 4 विकेट गिर गए, लेकिन फिर भी टीम 176 रन तक पहुंचने में सफल रही, जो एडिलेड ओवल में महिला टी20I का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है. ऋचा घोष ने अंत में तेज़ 18 रन बनाकर स्कोर को और मज़बूत किया.
177 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही. महज़ 32 रन पर तीन विकेट गिर गए. इस पतन की सबसे बड़ी वजह रहीं ऑफ स्पिनर श्रेयंका पाटिल, जिन्होंने जॉर्जिया वोल और एलीस पेरी जैसे बड़े विकेट जल्दी निकाल दिए. एशले गार्डनर ने 57 रनों की जुझारू पारी खेलकर उम्मीद जगाई, लेकिन जेमिमा रोड्रिग्स के शानदार कैच ने उस उम्मीद पर पानी फेर दिया.
2017 के बाद पहली हार
इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ी पूरी तरह बिखर गई. कप्तान सोफी मोलिन्यूक्स के लिए यह कप्तानी की शुरुआत बेहद कठिन रही. ऑस्ट्रेलिया की टीम घरेलू सरज़मीं पर 2017 के बाद पहली बार कोई द्विपक्षीय सीरीज़ हारी. यह हार उनके लिए गहरी चोट जैसी रही.
श्रेयंका पाटिल और स्पिनर ने किया कमाल
भारतीय गेंदबाज़ों में श्रेयंका पाटिल और बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरनी ने कमाल किया. दोनों ने तीन तीन विकेट लिए और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया. पाटिल ने पहले ही ओवरों में मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया और चार ओवर में 22 रन देकर तीन विकेट चटकाए.
159 रन पर सिमट गई ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया ने आक्रामक अंदाज़ में खेलने की कोशिश की, लेकिन लगातार विकेट गिरने से वे दबाव में आ गए. गार्डनर को एक जीवनदान भी मिला, लेकिन वह भी मैच नहीं पलट सकीं. अंत में ऑस्ट्रेलिया 159 रन पर सिमट गई और भारत ने एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की.
अब वनडे मुकाबलों पर सीरीज़ का फोकस
यह जीत सिर्फ एक मैच की नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के आत्मविश्वास और बढ़ते कद की पहचान है. अब सीरीज़ का फोकस वनडे मुकाबलों पर जाएगा, लेकिन इस रात की यादें लंबे समय तक क्रिकेट प्रेमियों के दिल में ज़िंदा रहेंगी.


