दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के सदस्यों की ओर से किए गए ‘शर्टलेस प्रदर्शन’ के मामले में दिल्ली पुलिस ने भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया है.
यह गिरफ्तारी उस बयान के एक दिन बाद हुई है, जिसमें दिल्ली पुलिस ने सोमवार को बताया था कि इस प्रदर्शन से जुड़े मामले में पांचवीं गिरफ्तारी की गई है. पांचवें व्यक्ति की पहचान जितेंद्र यादव के रूप में हुई है, जिसे मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया.
क्यों हुई गिरफ़्तारी?
यह गिरफ्तारियां उस घटना के बाद हुईं, जब पिछले शुक्रवार 20 फरवरी को भारतीय युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता भारत मंडपम में चल रहे AI इम्पैक्ट समिट में अंदर घुस गए और प्रदर्शनी हॉल में शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया.
उन्होंने ऐसी टी-शर्ट पहन रखी थीं जिन पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सरकार की आलोचना वाले नारे लिखे थे. बाद में सुरक्षा कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया.
प्रदर्शन की हुई आलोचना
इस प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस की युवा इकाई की काफी आलोचना हुई, क्योंकि इस कार्यक्रम में दुनिया भर से कई बड़े प्रतिनिधि शामिल हुए थे. हालांकि, भारतीय युवा कांग्रेस ने अपने प्रदर्शन का बचाव करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना देश विरोधी नहीं होता.
नारायण ओझा ने क्या कहा
भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव शेष नारायण ओझा ने सोमवार को कहा कि सरकार का विरोध करना देश विरोधी नहीं है और यह हमारा अधिकार है. उन्होंने कहा कि हमारे कुछ नेताओं ने एआई समिट में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था. केंद्र सरकार और बीजेपी इसे देश विरोधी बताने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि शांतिपूर्ण प्रदर्शन देश विरोधी नहीं होता. क्या सरकार के खिलाफ हर बात को देश विरोधी कहकर असली मुद्दों से बचा जा सकता है. प्रदर्शनकारियों का संदेश साफ था कि प्रधानमंत्री समझौते में कमजोर पड़े हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि यूथ कांग्रेस ने कई राज्यों में इस मुद्दे पर प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस ने लाठीचार्ज किया और पानी की बौछारें इस्तेमाल कीं. राष्ट्रीय स्तर पर जंतर मंतर पर भी प्रदर्शन हुआ और हमारे नेताओं को हिरासत में लिया गया. सरकार हर विरोध को दबाना चाहती है. सरकार का विरोध करना देश विरोधी नहीं है, यह हमारा अधिकार है. जब राहुल गांधी ने संसद में यह मुद्दा उठाया, तो उन्हें बोलने से रोका गया, लेकिन आखिर में उन्होंने संसद में इस समझौते पर बात की.


