सचिवालय में बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 28 प्रस्तावों पर अहम फैसले लिए गए. सरकार ने प्रदेश में सेब उत्पादन बढ़ाने और बागवानों को बेहतर पौधे उपलब्ध कराने के लिए सेब नर्सरी विकास योजना को मंजूरी दी है. इस योजना के तहत 10 एकड़ तक नर्सरी लगाने पर 50 प्रतिशत और 10 एकड़ से अधिक पर 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी.
इसके अलावा सरकार ने शहद उत्पादन बढ़ाने के लिए मौन पालन नीति को भी मंजूरी दी है. इस योजना के तहत किसानों को मौन पालन बॉक्स खरीदने पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.
हल्द्वानी में GST अपीलीय अधिकरण
जीएसटी से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे के लिए हल्द्वानी में GST अपीलीय अधिकरण की नई राज्य पीठ स्थापित की जाएगी. अभी यह सुविधा देहरादून में उपलब्ध है. साथ ही दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट से जुड़े मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए देहरादून के विकासनगर, ऊधम सिंह नगर के काशीपुर और नैनीताल में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे.
10 शहरों में नई पेयजल योजनाएं
राज्य में पेयजल व्यवस्था मजबूत करने के लिए विश्व बैंक की मदद से 1600 करोड़ रुपये की लागत से 10 शहरों में नई पेयजल योजनाएं चलाई जाएंगी. इसमें राज्य सरकार 320 करोड़ रुपये का योगदान देगी. इस योजना का उद्देश्य शहरों में पर्याप्त और बेहतर पानी उपलब्ध कराना है.
शिक्षा को लेकर बड़े फैसले
कैबिनेट ने उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड में 14 नए पद सृजित करने को मंजूरी दी है. उच्च शिक्षा में मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना का विस्तार करते हुए 21 निजी सहायता प्राप्त कॉलेजों को इसमें शामिल किया गया है. साथ ही स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड ई-पुस्तकालय योजना शुरू की जाएगी, जिसमें अलग-अलग पाठ्यक्रमों के छात्रों से 100 रुपये से लेकर 500 रुपये तक शुल्क लिया जाएगा.
क्या-क्या फैसले लिए
इसके अलावा वन विभाग की नई सेवा नियमावली, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कर्मचारियों की सेवा नियमावली और उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग नीति को मंजूरी दी गई है. शहरी निकायों में पर्यावरण अभियंताओं की संविदा पर नियुक्ति की जाएगी. शिक्षा विभाग में विशेष शिक्षकों को नियमित नियुक्ति देने का भी निर्णय लिया गया है.
कैबिनेट ने कई विधेयकों को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी है, जिनमें माल और सेवा कर संशोधन विधेयक, जन विश्वास संशोधन विधेयक, दुकान और स्थापना संशोधन विधेयक और समान नागरिक संहिता संशोधन विधेयक शामिल हैं. इसके अलावा न्यायालयों में नए पद सृजित करने, कारागार विभाग के ढांचे में बदलाव और वित्तीय प्रबंधन सुधार के लिए नई समितियों के गठन को भी मंजूरी दी गई है.


