ईरान के सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत हो गई है. यह दावा उस समय सामने आया है जब अमेरिका और इजराइल ने दशकों में ईरानी ठिकानों पर सबसे बड़े संयुक्त हमले किए. ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने रविवार सुबह रिपोर्ट किया, “ईरान के सर्वोच्च नेता शहादत को प्राप्त हो गए हैं.” रिपोर्टों के अनुसार, 86 वर्षीय खामेनेई की मौत शनिवार तड़के तेहरान स्थित उनके कार्यालय में हुई.
राज्य टीवी ने कहा कि कार्यालय में उनकी मौत यह दर्शाती है कि वह लगातार जनता के बीच और अपनी जिम्मेदारियों की अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे. इससे पहले Times of Israel ने एक इजराइली अधिकारी के हवाले से बताया था कि शनिवार सुबह इजराइली हमले में उनके परिसर को निशाना बनाया गया और उनका शव बरामद कर लिया गया.
इजराइल के चैनल 12 ने कहा कि प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को तेहरान परिसर से बरामद तस्वीर दिखाई गई. उत्तराधिकारी न होने से अनिश्चितता, टकराव बढ़ने की आशंका. इस्लामिक रिपब्लिक के दूसरे सर्वोच्च नेता की हत्या—और किसी नामित उत्तराधिकारी के अभाव—से तेहरान के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं. ईरान की प्रतिशोध की धमकियों के बीच लंबे संघर्ष की आशंका जताई जा रही है.
ट्रंप का दावा: ‘ईरानी जनता के लिए बड़ा मौका’
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने X पर पोस्ट कर कहा कि खामेनेई की मौत “ईरानी जनता के लिए अपना देश वापस लेने का सबसे बड़ा अवसर” है. ट्रंप के अनुसार, यह मौत अमेरिकी-इजराइली संयुक्त हवाई हमलों के बाद हुई, जिनमें सैन्य और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया गया. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने इजराइल के साथ मिलकर 1989 से ईरान का नेतृत्व कर रहे खामेनेई को लक्ष्य बनाया. हालांकि, इसके तुरंत बाद खामेनेई के X अकाउंट से फारसी में एक रहस्यमय संदेश पोस्ट हुआ—“नामी हैदर (अ.स.) के नाम पर”—जिससे दावे पर संदेह भी पैदा हुआ.
अमेरिका ने कैसे ट्रैक किया खामेनेई
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि खुफिया और ट्रैकिंग सिस्टम से खामेनेई की गतिविधियों पर नजर रखी गई. उन्होंने चेतावनी दी कि “सटीक और भारी बमबारी तब तक जारी रहेगी, जब तक मध्य पूर्व और दुनिया में शांति का उद्देश्य हासिल नहीं हो जाता.” नेतन्याहू ने कहा कि खामेनेई का परिसर नष्ट कर दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक, ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नसीरजादेह और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मोहम्मद पाकपुर भी हमलों में मारे गए. इजराइली सेना ने पांच अन्य वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की मौत की पुष्टि का दावा किया, जिनमें सर्वोच्च नेता के सलाहकार अली शमखानी शामिल बताए गए. ईरानी मीडिया ने खामेनेई के परिवार के कुछ सदस्यों की मौत की भी रिपोर्ट दी.
ईरान का जवाब और क्षेत्रीय असर
ईरान ने हमलों को “उकसावे रहित और अवैध” बताया और जवाबी कार्रवाई में इजराइल तथा उन खाड़ी देशों की ओर मिसाइलें दागने का दावा किया, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं. 86 वर्षीय खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे. इस पद पर उनके पास सरकार की सभी शाखाओं, सेना और न्यायपालिका पर अंतिम अधिकार होता है. शुरू में कमजोर माने गए खामेनेई ने समय के साथ सत्ता पर मजबूत पकड़ बनाई. आलोचकों के अनुसार, उन्होंने कट्टर रुख बनाए रखते हुए सुधारवादी प्रयासों को कुचला और ईरान को अलग-थलग स्थिति में पहुंचाया. जनवरी में उभरते विरोध प्रदर्शनों के बीच उन्होंने कहा था कि ईरान “दुश्मन के आगे नहीं झुकेगा.” उनके लंबे शासन में अमेरिका-विरोधी रुख लगातार बना रहा.


