ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की इज़राइल और अमेरिका के हवाई हमलों में हत्या हो गई. इसके बाद, श्रीनगर में रविवार को सैकड़ों कश्मीरी शिया मुसलमानों ने विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे उठाए, खामेनेई की तस्वीरें रखीं और पारंपरिक नौहा गाकर ईरान के प्रति अपना समर्थन जताया.
उन्होंने अमेरिका और इज़राइल के पुतले भी जला कर अपनी नाराजगी दिखाई. प्रदर्शन के दौरान पुलिस तैनात की गई और सुरक्षा कड़ी कर दी गई. इसके चलते कुछ समय के लिए शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक बाधित रहा. शिया समुदाय के लिए खामेनेई सिर्फ एक विदेशी राजनीतिक नेता नहीं थे, बल्कि एक Marja-e-Taqlid (Source of Emulation) थे.
ईरान में मिली मिश्रित प्रतिक्रिया
ईरान में खामेनेई की हत्या के बाद प्रतिक्रिया मिली-जुली रही. कई शहरों में कुछ लोग mourning में शामिल हुए, वहीं कुछ शहरों में लोग जश्न मनाते दिखाई दिए. CNN और अन्य मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ शहरों में लोग “Death to the Islamic Republic” और “Long live the Shah” जैसे नारे लगा रहे थे. इज़राइल के पूर्व प्रवक्ता द्वारा साझा किए गए वीडियो में महिलाएं खुले बालों के साथ नाचती दिखाई दीं. वहीं राज्य संचालित टीवी चैनल पर खबर पढ़ने वाले एंकर भावुक हो गए और उन्होंने इज़राइल और अमेरिका से ‘बदला’ लेने की अपील की.
खामेनेई की हत्या और राष्ट्रीय शोक
ईरानी मीडिया के अनुसार, खामेनेई के निवास पर हवाई हमले में उनके कई परिवारजन भी मारे गए, जिनमें उनकी बेटी, पोता, बहू और दामाद शामिल हैं. ईरान ने खामेनेई की हत्या के बाद 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है. इस दौरान देश में झंडे आधा झुके रहेंगे और सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो इस्लामिक रिपब्लिक के 37 साल के दौर के अंत का प्रतीक हैं.


