श्रीनगर: ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की अमेरिका-इजराइल संयुक्त कार्रवाई में मौत की खबर के बाद कश्मीर में सोमवार को हालात तनावपूर्ण हो गए. कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके चलते प्रशासन ने आवाजाही, सभाओं और इंटरनेट सेवाओं पर कड़ी रोक लगा दी. प्रदर्शन Lal Chowk, सैदा कदल, बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा में देखे गए. प्रदर्शनकारी सीना पीटते हुए अमेरिका और इजराइल विरोधी नारे लगाते नजर आए. कश्मीर में शिया आबादी करीब 15 लाख बताई जाती है.
लाल चौक सील, सुरक्षा कड़ी
श्रीनगर के लाल चौक को बैरिकेडिंग और कंटीले तारों से पूरी तरह बंद कर दिया गया. पुलिस और अर्धसैनिक बलों, जिनमें Central Reserve Police Force भी शामिल है, की भारी तैनाती की गई. अधिकारियों के मुताबिक, शिया बहुल इलाकों समेत शहर के प्रमुख चौराहों पर एहतियातन पाबंदियां लागू की गईं.
घाटी में सभी नेटवर्क पर मोबाइल इंटरनेट की रफ्तार कम कर दी गई ताकि अफवाहों और सोशल मीडिया के जरिए जुटान रोका जा सके. कश्मीर पुलिस ने मीडिया संस्थानों से अपील की कि वे अपुष्ट जानकारी, अटकलों और सनसनीखेज सुर्खियों से बचें तथा केवल भरोसेमंद स्रोतों से पुष्टि के बाद ही खबरें दें.
एक दिन की हड़ताल का आह्वान
इन पाबंदियों से पहले मुत्तहिदा मजलिस-ए-उलमा के अध्यक्ष Mirwaiz Umar Farooq ने एक दिन की हड़ताल का आह्वान किया और शांतिपूर्ण तरीके से पालन करने की अपील की. हड़ताल को कई राजनीतिक दलों का समर्थन मिला. पीडीपी प्रमुख Mehbooba Mufti ने इसे शोक और एकजुटता का दिन बताया.
स्कूल बंद, सुरक्षा समीक्षा
एहतियात के तौर पर सभी सरकारी-निजी स्कूल दो दिनों के लिए बंद कर दिए गए और परीक्षाएं स्थगित रहीं. कई सड़कों और राजमार्गों पर कंटीले तार लगाए गए. स्थिति की समीक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल Manoj Sinha ने उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक की और मौजूदा इंतजामों का जायजा लिया.


