देहरादून में आंगनबाड़ी केंद्रों पर आपूर्ति की जा रही खाद्य सामग्री की खराब गुणवत्ता की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल ने गुरुवार को रुड़की के माडी चौक स्थित सेंट्रल गोदाम पर छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की. यह गोदाम गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के आंगनबाड़ी केंद्रों में राशन आपूर्ति के लिए उपयोग किया जा रहा था.
छापेमारी के दौरान गोदाम में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. निरीक्षण के दौरान गोदाम में बाल श्रमिक भी काम करते हुए पाए गए. इस पर डीएम ने गोदाम स्वामी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए.
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल
निरीक्षण के दौरान खजूर और केले के चिप्स के पैकेटों पर मैन्युफैक्चर और एक्सपायरी तिथि संदिग्ध पाई गई. कई पैकेटों पर मैन्युफैक्चर और एक्सपायरी तिथि का उल्लेख ही नहीं था. वहीं कई पैकेटों पर छपी हुई तिथि के स्थान पर स्टैंप लगाकर तारीख अंकित की गई थी, जिसे डीएम ने गंभीर अनियमितता माना.
इसके अलावा गोदाम में रखे अंडों की गुणवत्ता भी संदिग्ध पाई गई. जांच में सामने आया कि दिसंबर और जनवरी माह के अंडे और अन्य खाद्य सामग्री मार्च में आंगनबाड़ी केंद्रों को वितरित की जा रही थी, जो बच्चों और धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ माना जा रहा है.
मानकों के अनुरूप नहीं मिला गोदाम संचालन
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गोदाम का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा था. गोदाम में खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए तापमान नियंत्रित रखने की कोई व्यवस्था नहीं थी. इसके अलावा सामग्री का रिकॉर्ड रखने वाले रजिस्टर भी अद्यतन नहीं मिले.
डीएम ने यह भी पाया कि सामग्री आपूर्ति करने वाली कंपनी द्वारा जारी गुणवत्ता प्रमाणपत्र भी उपलब्ध नहीं कराए गए थे.
वाहनों को रुकवाकर कराई सैंपलिंग
छापेमारी के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन पहुंचाने के लिए रवाना हो रहे वाहनों को भी जिलाधिकारी ने रुकवा दिया. इन वाहनों में टिहरी, उत्तरकाशी और डोईवाला के लिए खाद्य सामग्री भेजी जा रही थी. डीएम ने मौके पर ही खाद्य सामग्री की सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए ताकि गुणवत्ता की जांच कराई जा सके.
जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई
डीएम सविन बंसल ने कहा कि बच्चों और धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं. जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
छापेमारी के दौरान उप जिलाधिकारी सदर हरी गिरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेंद्र कुमार, तहसीलदार सुरेंद्र देव, कानूनगो रुड़की संजय कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.


