उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2025 में उत्तरकाशी जिले के धाराली गांव में आई भीषण आपदा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस आपदा में 69 लोगों की मौत हो गई थी और कई परिवारों के घर पूरी तरह मलबे में दब गए थे. सरकार का लक्ष्य इस आपदा से प्रभावित 115 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर बसाना है, ताकि उन्हें स्थायी और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जा सके.
पहले चरण में 30 परिवारों के लिए जमीन चिन्हित
जिला प्रशासन की टीम ने शनिवार को उत्तरकाशी में पुनर्वास के लिए संभावित स्थानों का भू-वैज्ञानिक निरीक्षण किया. पहले चरण में 30 परिवारों द्वारा सुझाई गई जमीन की पहचान कर उसका निरीक्षण किया गया है. प्रशासन का कहना है कि जिन परिवारों के घर आपदा में नष्ट हो गए हैं और जिनके पास फिलहाल रहने की उचित व्यवस्था नहीं है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बसाया जाएगा.
जमीन की सुरक्षा और स्थिरता की जांच
सहायक भू-वैज्ञानिक प्रदीप कुमार के अनुसार, निरीक्षण के दौरान जमीन की सुरक्षा और उसकी दीर्घकालिक स्थिरता का विस्तृत परीक्षण किया गया. यह जांच हर्षिल क्षेत्र के राजस्व उपनिरीक्षक और स्थानीय ग्रामीणों की मौजूदगी में की गई. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में वहां रहने वाले परिवारों को किसी तरह का खतरा न हो.
जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट
निरीक्षण के बाद एक विस्तृत भू-वैज्ञानिक रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा. रिपोर्ट के आधार पर पुनर्वास की अगली प्रक्रिया को मंजूरी दी जाएगी. प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जैसे ही बाकी प्रभावित परिवार अपनी प्रस्तावित जमीन की जानकारी तहसील कार्यालय को देंगे, उन स्थानों का भी तुरंत भू-वैज्ञानिक निरीक्षण किया जाएगा.
अगस्त 2025 में आई थी भीषण आपदा
5 अगस्त 2025 को उत्तरकाशी के धाराली गांव में अचानक आई बाढ़ और मलबे के तेज बहाव ने भारी तबाही मचाई थी. इस घटना में कई लोग मलबे में दब गए थे. बाद में जिला प्रशासन ने बताया कि 67 लोग लापता हो गए थे और दो शव बरामद हुए थे, जिसके बाद कुल मृतकों की संख्या 69 हो गई.
मृतकों के परिजनों को मुआवजा
आपदा के बाद राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी. इसके अलावा सितंबर में राज्य के स्वास्थ्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर जांच के बाद मृतकों के पंजीकरण और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे.


