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पौड़ी में वनाग्नि रोकने की बड़ी तैयारी… 42 क्रू स्टेशनों पर 123 फायर वॉचर तैनात

Mintwire by Mintwire
15/03/2026
in उत्तराखंड, देश, राज्य
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पौड़ी: गर्मी के मौसम को देखते हुए जनपद में संभावित वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं. गढ़वाल वन प्रभाग, पौड़ी द्वारा जंगलों में सतत निगरानी, त्वरित कार्रवाई और जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से आग की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है.
वन विभाग का उद्देश्य जंगलों में आग की घटनाओं को कम करना और वन संपदा, जैव विविधता तथा पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

42 क्रू स्टेशन, 123 फायर वॉचर तैनात

प्रभागीय वनाधिकारी महातिम यादव ने बताया कि गढ़वाल वन प्रभाग के अंतर्गत स्थापित 42 क्रू स्टेशनों के सापेक्ष अब तक 123 फायर वॉचरों की तैनाती की जा चुकी है.

इन फायर वॉचरों की जिम्मेदारी जंगलों में नियमित गश्त करना, आग की संभावनाओं पर नजर रखना और आग लगने की स्थिति में तुरंत नियंत्रण की कार्रवाई करना है. उन्होंने बताया कि फायर वॉचरों के जीवन बीमा की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या और बढ़ाई जा सकती है.

जन-जागरूकता अभियान भी तेज

वनाग्नि रोकथाम में लोगों की भागीदारी को अहम मानते हुए वन विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं.

अब तक 96 रैली, गोष्ठी और कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं. इन कार्यक्रमों में ग्रामीणों, वन पंचायत प्रतिनिधियों, छात्रों और स्थानीय लोगों को जंगलों में आग से होने वाले नुकसान और बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है. लोगों से अपील की जा रही है कि वे जंगलों में सूखी घास या पत्तियां जलाने से बचें.

हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में नियंत्रित फुकान

वन विभाग द्वारा जंगलों में आग फैलने की संभावना कम करने के लिए नियंत्रित फुकान (कंट्रोल्ड बर्निंग) का कार्य भी किया जा रहा है.
अब तक 19,867.204 हेक्टेयर क्षेत्र में यह कार्य पूरा किया जा चुका है. इस प्रक्रिया में जंगलों में जमा सूखी घास, पत्तियां और अन्य ज्वलनशील पदार्थों को नियंत्रित तरीके से हटाया जाता है, जिससे बड़े पैमाने पर आग फैलने की संभावना कम हो जाती है.

फायर वॉचरों को दिए गए सुरक्षा उपकरण
वनाग्नि नियंत्रण कार्य को सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए फायर वॉचरों को आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं.
इनमें हेलमेट, ग्लव्स, जूते, हेडलाइट, फर्स्ट एड किट, सुरक्षा चश्मे और दरांती जैसे उपकरण शामिल हैं, ताकि आग बुझाने के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

वनाग्नि प्रबंधन योजना 2026 तैयार

वन विभाग द्वारा वनाग्नि प्रबंधन को और मजबूत बनाने के लिए वनाग्नि प्रबंधन योजना 2026 भी तैयार की गई है. इसके तहत निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करने, आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने और स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है.

डीएफओ ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं जंगल में आग लगती दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें और जंगलों को आग से बचाने में सहयोग करें.

Tags: Pauri GarhwalUttarakhandUttarakhand newsUttarakhand news hindi
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