वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने के बावजूद इस बार सोने की कीमतों में वैसी तेजी नहीं दिख रही है, जैसी आमतौर पर ऐसे हालात में देखने को मिलती है. आमतौर पर युद्ध या भू-राजनीतिक संकट के समय निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे इसकी कीमतें बढ़ जाती हैं.
लेकिन इस बार तस्वीर थोड़ी अलग है. 17 मार्च 2026 को सोने की कीमतें करीब 1.60 से 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बनी हुई हैं. हाल ही में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद इसमें गिरावट देखने को मिली है.
क्यों नहीं बढ़ रही सोने की कीमत?
इसकी सबसे बड़ी वजह वैश्विक बाजार में बदलता आर्थिक माहौल है. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है. तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा भी बढ़ गया है. अगर महंगाई ज्यादा समय तक बनी रहती है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को कम करने से बच सकते हैं.
यही कारण है कि निवेशकों की नजर इस समय भू-राजनीतिक घटनाओं से ज्यादा ब्याज दरों और महंगाई पर टिकी हुई है.
ब्याज दरों का सोने पर सीधा असर
सोना ऐसा निवेश है जो कोई ब्याज या नियमित आय नहीं देता. इसके विपरीत बैंक जमा या बॉन्ड जैसे निवेश साधन ब्याज देते हैं.
जब ब्याज दरें ज्यादा होती हैं, तो निवेशक ऐसे विकल्पों को ज्यादा पसंद करते हैं जो नियमित रिटर्न देते हों. इस कारण सोने की मांग कम हो जाती है और कीमतों पर दबाव पड़ता है.
मुनाफावसूली भी बनी गिरावट की वजह
पिछले कुछ महीनों में सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी आई थी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह 5300 डॉलर प्रति औंस से भी ऊपर पहुंच गया था.
इतनी तेज बढ़त के बाद कई निवेशक अब मुनाफा बुक कर रहे हैं. इससे भी हाल के दिनों में सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है.
मजबूत डॉलर भी डाल रहा असर
वैश्विक अनिश्चितता के समय निवेशक सोने के साथ-साथ अमेरिकी डॉलर को भी सुरक्षित निवेश मानते हैं.
इस समय डॉलर मजबूत हो रहा है. मजबूत डॉलर का मतलब यह है कि अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है. इससे वैश्विक मांग में कमी आती है और कीमतों पर असर पड़ता है.
निवेशक फिलहाल कर रहे इंतजार
दुनिया के बड़े केंद्रीय बैंक, खासकर अमेरिका का फेडरल रिजर्व, जल्द ही ब्याज दरों को लेकर संकेत देने वाला है. निवेशक इन फैसलों का इंतजार कर रहे हैं. इसी कारण बाजार में फिलहाल वेट एंड वॉच की स्थिति बनी हुई है और सोने में बड़ी खरीदारी नहीं हो रही है.
क्या अभी सोना खरीदना सही है?
विशेषज्ञों का मानना है कि सोना अभी भी सुरक्षित निवेश का एक अहम विकल्प है. हालांकि इस समय इसकी कीमतों पर युद्ध से ज्यादा ब्याज दर, महंगाई और डॉलर की मजबूती का असर पड़ रहा है.
जब तक ब्याज दरों को लेकर स्थिति साफ नहीं होती, तब तक सोने की कीमतें सीमित दायरे में ही घूम सकती हैं.


