पौड़ी गढ़वाल: विकासखंड कोट के ग्राम बलमाना में 9 मार्च को गुलदार (तेंदुआ) के हमले में एक व्यक्ति की मौत के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. क्षेत्र में बढ़ते डर और जनसुरक्षा को देखते हुए संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई.
जनसुरक्षा को लेकर विभागों में समन्वय पर जोर
बैठक में सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. प्रशासन ने साफ किया कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.
झाड़ियों की सफाई और गांवों में रोशनी की व्यवस्था
गांवों के आसपास झाड़ियों और घनी वनस्पति की कटाई कराई जाएगी, जिससे गुलदार के छिपने की संभावना कम हो सके. यह कार्य ग्राम प्रधानों द्वारा पंचायती राज विभाग के सहयोग से किया जाएगा.
साथ ही गांवों में सौर ऊर्जा आधारित लाइटें लगाई जाएंगी, ताकि रात के समय सुरक्षा बेहतर हो सके.
वन विभाग की गश्त बढ़ेगी, जरूरत पर मिलेगा सहयोग
गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग की गश्त बढ़ाई जाएगी. वन्यजीव संरक्षण दल के सदस्य जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित आवाजाही में सहयोग करेंगे. यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी, जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते.
छात्रों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था
छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छोटे स्कूलों में बच्चों को सामूहिक रूप से लाने-ले जाने की व्यवस्था की जाएगी. इसमें शिक्षा विभाग, ग्राम प्रहरी और युवक मंगल दल की मदद ली जाएगी.
जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा
प्रशासन ने निर्णय लिया कि संवेदनशील क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. वन विभाग और ग्राम प्रधान मिलकर लोगों को जरूरी सावधानियों के बारे में जागरूक करेंगे.
बैठक में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि शामिल
बैठक में विकासखंड कोट के 25 ग्राम प्रधानों सहित करीब 40 जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. इसके अलावा वन, शिक्षा, ग्राम्य विकास और पंचायती राज विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे.


