घरेलू गैस सिलिंडर की बुकिंग से जुड़े नियमों में हाल ही में अहम बदलाव किए गए हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ने वाला है. नए नियमों के अनुसार, जिन घरों में एक ही कनेक्शन पर दो सिलिंडर उपलब्ध हैं, उन्हें अब अगली बुकिंग के लिए 25 दिन की बजाय 35 दिन तक इंतजार करना पड़ेगा। वहीं, जिन उपभोक्ताओं के पास केवल एक ही सिलिंडर है, उनके लिए बुकिंग का अंतराल पहले की तरह 25 दिन ही रखा गया है.
इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को माना जा रहा है, जिसकी वजह से गैस आपूर्ति पर लगातार असर पड़ रहा है. आपूर्ति में आई इस बाधा के कारण पहले ही बुकिंग की अवधि को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया था. अब स्थिति को देखते हुए इसे और बढ़ाने का निर्णय लिया गया है.
तत्काल प्रभाव से लागू व्यवस्था
कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के गैस मैनेजर रवि मेहरा के अनुसार, यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है. उन्होंने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग का अंतराल और भी ज्यादा बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है। यह नियम ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ताओं पर समान रूप से लागू होगा.
इससे पहले बुकिंग के लिए अलग-अलग व्यवस्था लागू थी, जिसमें शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का अंतराल निर्धारित किया गया था. अब नई व्यवस्था के तहत स्पष्ट रूप से श्रेणियों के आधार पर नियम तय किए गए हैं. हालांकि, जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही सिलिंडर की बुकिंग कर दी है, उन्हें पुराने नियमों के अनुसार ही डिलीवरी दी जाएगी, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो.
भरना होगा फॉर्म
इसके अलावा, गैस एजेंसियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई उपभोक्ता अपने सालाना सिलिंडर कोटा को पूरा कर लेता है, तो उसे अतिरिक्त सिलिंडर प्राप्त करने के लिए एजेंसी में जाकर एक निर्धारित फॉर्म भरना होगा. इंडेन गैस एजेंसी के प्रबंधक भरत खाती ने बताया कि इस फॉर्म में उपभोक्ता को अतिरिक्त सिलिंडर की आवश्यकता का कारण बताना अनिवार्य होगा.
फॉर्म में परिवार के सदस्यों की संख्या, घर पर आने वाले मेहमानों की संख्या, तथा शादी या अन्य किसी बड़े आयोजन की जानकारी देनी होगी। इसके आधार पर ही एजेंसी यह तय करेगी कि उपभोक्ता को अतिरिक्त सिलिंडर दिया जा सकता है या नहीं.
क्या है उद्देश्य
नए नियमों का उद्देश्य सीमित गैस आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखना और सभी उपभोक्ताओं तक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। हालांकि, इस बदलाव से उपभोक्ताओं को अपनी जरूरतों की योजना पहले से बनाकर चलनी होगी, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.


