उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक के फिताड़ी गांव में सोमवार देर रात एक बड़ी आग की घटना सामने आई. इस हादसे में 14 आवासीय घर पूरी तरह जलकर राख हो गए. आग इतनी तेज थी कि घरों के पास बनी गोशालाओं में बंधे 5 मवेशी भी जल गए.
बताया जा रहा है कि आग की शुरुआत प्रेम सिंह के पांच मंजिला घर से हुई. शक है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से यह आग लगी. जैसे ही आग की लपटें उठीं, परिवार के लोग किसी तरह घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे. लेकिन देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पास के 13 अन्य घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया.
चार घंटे में आग पर पाया क़ाबू
गांव के लोग पहले कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आग तेजी से फैल गई. आसपास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश करने लगे. सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस की रेस्क्यू टीम भी मौके पर पहुंच गई. करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका.
इस आग में घरों में रखा राशन, कपड़े, बर्तन और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह जल गया. कई परिवारों का सब कुछ खत्म हो गया. जिन लोगों के घर जल गए हैं, वे अब पड़ोसियों के घरों में रहने को मजबूर हैं.
परिवारों को मिली मदद
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है. प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद देने के लिए प्रति परिवार पांच-पांच हजार रुपये, राशन, टेंट और बर्तन दिए गए हैं.
इस हादसे में कई परिवारों को भारी नुकसान हुआ है. प्रेम सिंह, कुंदन सिंह, रविंद्र सिंह, उमशाल सिंह, तिलक सिंह, नोनियाल सिंह, ताजम देई, दुदकली देवी, विरेन्द्र सिंह, सुविंद्र, मोहन सिंह और जनक सिंह जैसे कई लोगों के घर पूरी तरह नष्ट हो गए.
फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंच पाई
आग बुझाने में आसपास के गांवों के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे. फिताड़ी, रेकचा, कासला, हरपूरी, धारा, जखोल और साऊणी गांव के ग्रामीणों ने मिलकर आग पर काबू पाने में मदद की.
हालांकि, इस दौरान एक बड़ी समस्या भी सामने आई. फिताड़ी गांव तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंच पाई. गांव मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर है और रास्ता खराब होने की वजह से फायर ब्रिगेड बीच रास्ते में ही फंस गई. सड़क पर कीचड़ और खराब हालात के कारण गाड़ी गांव तक नहीं पहुंच सकी.
सरकार ने जताया दुख
सरकार की ओर से भी इस घटना पर दुख जताया गया है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि राहत और बचाव कार्य तेजी से किए जाएं और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाए. फिलहाल गांव में हालात सामान्य करने की कोशिश जारी है, लेकिन जिन लोगों ने अपना सब कुछ खो दिया है, उनके लिए यह हादसा बेहद दुखद और कठिन समय लेकर आया है.


