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US में फैल रहा नया COVID वैरिएंट BA.3.2 “Cicada” , कितना खतरनाक

Mintwire by Mintwire
27/03/2026
in देश, वर्ल्ड
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COVID-19 का एक नया वैरिएंट BA.3.2, जिसे “Cicada” कहा जा रहा है, इन दिनों वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य एजेंसियों का ध्यान खींच रहा है. यह वैरिएंट अमेरिका समेत कई देशों में फैल चुका है, हालांकि कुल मामलों की संख्या अभी भी अपेक्षाकृत कम बनी हुई है.

इस वैरिएंट की खास बात यह है कि यह अचानक तेज़ी से नहीं फैला, बल्कि धीरे-धीरे विकसित होकर सामने आया है. इसे पहली बार नवंबर 2024 में साउथ अफ्रीका में पहचाना गया था. शुरुआत में इसने ज्यादा सुर्खियां नहीं बटोरीं और कई महीनों तक बैकग्राउंड में ही फैलता रहा. लेकिन 2025 के अंत तक इसने वैश्विक स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज करानी शुरू कर दी.

US में फैल रहा वेरिएंट

फरवरी तक, यह वैरिएंट अमेरिका के कम से कम 25 राज्यों में पाया जा चुका था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह 20 से अधिक देशों में फैल चुका है और यूरोप के कुछ हिस्सों, जैसे डेनमार्क, जर्मनी और नीदरलैंड्स में मामलों में इसका योगदान बढ़ रहा है.

विशेषज्ञ BA.3.2 पर खास नजर इसलिए रख रहे हैं क्योंकि इसमें असामान्य रूप से ज्यादा म्यूटेशन पाए गए हैं. खासकर इसके स्पाइक प्रोटीन में 70 से 75 म्यूटेशन हैं, जो वायरस को मानव कोशिकाओं में प्रवेश करने में मदद करते हैं. यही कारण है कि यह हाल के वैरिएंट्स से काफी अलग माना जा रहा है, जिनके लिए मौजूदा वैक्सीन तैयार की गई हैं.

कितना है खतरनाक?

हालांकि, अब तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि यह वैरिएंट ज्यादा गंभीर बीमारी का कारण बन रहा है. इसके लक्षण भी अन्य हालिया COVID वैरिएंट्स जैसे ही हैं. इनमें खांसी, बुखार या ठंड लगना, गले में खराश, नाक बंद होना, सांस लेने में तकलीफ, स्वाद या गंध का जाना, थकान, सिरदर्द और पेट से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं.

इसका फैलाव धीमा लेकिन लगातार बना हुआ है. जून 2025 में अमेरिका में इसे पहली बार एक ऐसे यात्री में पाया गया था, जो नीदरलैंड्स से सैन फ्रांसिस्को लौटा था. इसके बाद यह यात्रियों, मरीजों और यहां तक कि वेस्टवॉटर सैंपल्स में भी पाया गया.

23 देशों में मौजूद वेरिएंट

दुनियाभर में यह वैरिएंट अब कम से कम 23 देशों में मौजूद है और कुछ यूरोपीय देशों में यह करीब 30 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार है.

दिसंबर 2025 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने BA.3.2 को “variant under monitoring” की श्रेणी में रखा था. इसका मतलब है कि इसके म्यूटेशन और फैलाव को देखते हुए इस पर लगातार नजर रखी जा रही है. फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सतर्क रहना जरूरी है.

Tags: covidUttarakhandUttarakhand news
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