पौड़ी का जिला पुस्तकालय अब एक आधुनिक और आकर्षक अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित हो गया है. पहले जहां यह पुस्तकालय अव्यवस्थाओं और सुविधाओं की कमी से जूझ रहा था, वहीं अब इसे पूरी तरह नया और बेहतर स्वरूप दिया गया है.
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के प्रयासों से पुस्तकालय का व्यापक कायाकल्प किया गया है. इसे पारंपरिक पहाड़ी शैली में तैयार किया गया है, जिसमें आधुनिक सुविधाओं का भी समावेश किया गया है. यह स्थानीय वास्तुकला और आधुनिकता का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा है.
नवीनीकरण और सुविधाओं में बड़ा बदलाव
पुस्तकालय के नवीनीकरण के तहत भवन के दोनों तलों का सुधार किया गया है. यहां आधुनिक फर्नीचर, बेहतर बैठने की व्यवस्था, शौचालयों का उन्नयन, पाथवे और रेलिंग का निर्माण तथा पुस्तकालय तक पहुंचने के लिए सुगम मार्ग तैयार किया गया है. इसके साथ ही पहली बार यहां पेयजल कनेक्शन भी स्थापित किया गया है.
छात्रों के लिए बेहतर अध्ययन माहौल
छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुस्तकालय में पर्याप्त पुस्तकों के साथ वाई-फाई जोन, बुक स्टोरेज और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की गई है. यहां का वातावरण शांत, स्वच्छ और पढ़ाई के अनुकूल बनाया गया है, जिससे छात्र पारंपरिक और डिजिटल दोनों माध्यमों से अध्ययन कर सकते हैं.
घंटाघर बना खास पहचान
पुस्तकालय की सबसे खास पहचान इसके ऊपर बना घंटाघर है. यह घंटाघर प्रतिदिन सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक समय का संकेत देता है और छात्रों को अनुशासन का संदेश भी देता है. यह भवन की एक अनोखी और आकर्षक विशेषता बन चुका है.
राज्यपाल ने किया लोकार्पण
हाल ही में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) द्वारा पुस्तकालय का लोकार्पण किया गया. उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए इसे एक बेहतरीन कदम बताया.
पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मददगार
जिलाधिकारी ने कहा कि इस पुस्तकालय का उद्देश्य छात्रों और युवाओं को बेहतर अध्ययन सुविधाएं देना, उनमें पढ़ने की आदत विकसित करना और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है.
अधिशासी अभियंता रीना नेगी ने बताया कि पुस्तकालय का निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य तय समय में और गुणवत्ता के साथ पूरा किया गया है.

