नोएडा के सेक्टर 84 स्थित कंपनी से शुरू हुआ मजदूरों का प्रदर्शन अब बुलंदशहर और गाजियाबाद तक फैल गया है. अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए, जिससे हालात कई जगह बेकाबू हो गए.
हिंसा और आगजनी से बिगड़े हालात
प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर श्रमिकों ने उग्र रूप ले लिया। गाड़ियों में आग लगाने, पथराव करने और पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं. सड़क पर चार वाहन जलकर खाक हो गए, जिनमें दो पुलिस की गाड़ियां भी शामिल हैं. फिलहाल स्थिति शांत लेकिन तनावपूर्ण बनी हुई है.
बुलंदशहर में मजदूरों की मांगें
सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कंपनी में मजदूरों ने न्यूनतम वेतन बढ़ाने, PF-ESI और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. उनकी मांग है कि 12 घंटे की ड्यूटी के बदले महिलाओं को ₹15,000 और पुरुषों को ₹20,000 वेतन दिया जाए. ठेकेदारों पर शोषण के आरोप भी लगाए गए.
गाजियाबाद-नोएडा बॉर्डर पर जाम
प्रदर्शन का असर ट्रैफिक पर भी पड़ा. गाजियाबाद-नोएडा बॉर्डर पर लंबा जाम लग गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई लोग पैदल सफर करने को मजबूर हो गए. वैकल्पिक मार्गों पर भी दबाव बढ़ गया.
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल, PAC, RAF और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है. पुलिस ने 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है. अधिकारियों का कहना है कि हालात पर नजर रखी जा रही है और शांति बहाल करने की कोशिश जारी है.
डीजीपी का सख्त रुख
उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा है कि हिंसा फैलाने वालों की पहचान की जा रही है. अफवाह फैलाने वालों और माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.


