सोमवार को नगर पालिका सभागार, ईटीसी हॉल–1 और ईटीसी हॉल–2 में जनगणना 2027 प्रशिक्षण का पहला दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. इस दौरान प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया गया.
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को जनगणना की परिभाषा, महत्व और इसकी चरणबद्ध प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया. अधिकारियों ने बताया कि जनगणना के आंकड़े सरकार की योजनाओं और संसाधनों के वितरण का आधार होते हैं, इसलिए इसकी शुद्धता बेहद जरूरी है.
गृह सूचीकरण और मानचित्रण पर फोकस
फील्ड ट्रेनरों ने मकान सूचीकरण अभियान के तहत भवन, मकान, परिवार और परिसर की स्पष्ट परिभाषाएं समझाईं. साथ ही क्षेत्र निर्धारण, सीमांकन और मानचित्रण प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई, जिससे फील्ड में कार्य आसान हो सके.
डिजिटल तकनीक के उपयोग पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान गृह सूचीकरण मोबाइल एप के संचालन, इंस्टॉलेशन और लॉगिन प्रक्रिया की जानकारी दी गई. प्रतिभागियों को एप के माध्यम से डेटा एंट्री और मैपिंग की प्रारंभिक समझ भी कराई गई, ताकि कार्य को पारदर्शी और तेज बनाया जा सके.
जिम्मेदारियों और पारदर्शिता पर निर्देश
प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को उनके दायित्वों के बारे में बताया गया और फील्ड में कार्य करते समय सटीकता, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के निर्देश दिए गए.
प्रशिक्षण में आमजन को स्व-गणना के लिए जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि लोग स्वयं अपनी जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर सकें.
नगर पालिका सभागार में प्रदीप बिष्ट और कमलेश जोशी, ईटीसी हॉल–1 में शिव सिंह रावत और ज्योति मोहन, जबकि ईटीसी हॉल–2 में अमित गौड़ और दीपक बेलवाल ने प्रशिक्षण प्रदान किया.
प्रस्तुतीकरण के माध्यम से आसान समझ
प्रशिक्षण के दौरान प्रस्तुतीकरण के जरिए विषयों को सरल और प्रभावी ढंग से समझाया गया, जिससे प्रतिभागियों को सभी पहलुओं की स्पष्ट जानकारी मिल सकी.


