पौड़ी गढ़वाल में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में वन संरक्षण, भूमि क्षरण नियंत्रण और आजीविका संवर्धन को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक भारत-जर्मन तकनीकी सहयोग परियोजना (GIZ) के तहत आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
पर्यावरण और जलवायु पर विशेष फोकस
बैठक में वन एवं वृक्ष आच्छादन बढ़ाने, भूमि क्षरण रोकने, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। समेकित और दीर्घकालिक रणनीतियों पर जोर दिया गया.
पौड़ी में पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में उपयुक्त स्थल का चयन कर योजना का पायलट क्रियान्वयन शुरू किया जाएगा। चयनित क्षेत्रों में आजीविका गतिविधियों की स्पष्ट और व्यावहारिक रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए गए।
वन आधारित रोजगार को बढ़ावा
बैठक में वन आधारित आजीविका को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। इसमें प्राकृतिक संसाधनों का आकलन, पारिस्थितिकी अध्ययन, क्षमता विकास और सामाजिक-आर्थिक विश्लेषण को शामिल करने की बात कही गई।
स्थल चयन और रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने वन विभाग लैंसडाउन को प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण कर शीघ्र विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व विभाग के साथ समन्वय बनाकर उपयुक्त भूमि चयन करने को कहा गया।
रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
योजना के तहत पीरूल आधारित संयंत्र, पर्यटन विकास, दुग्ध उत्पादन और स्वरोजगार योजनाओं को शामिल करने के निर्देश दिए गए, जिससे स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए।


