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उत्तराखंड में बढ़ा मानव-वन्यजीव संघर्ष, 3 महीनों में 117 हमले, 20 लोगों की मौत

Mintwire by Mintwire
20/04/2026
in उत्तराखंड, राज्य
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वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से मार्च 2026 के बीच उत्तराखंड में कुल 117 वन्यजीव हमले दर्ज किए गए.

इन घटनाओं में:

  • 20 लोगों की मौत
  • 97 लोग घायल हुए

यह आंकड़े राज्य में बढ़ते मानव-वन्यजीव टकराव की गंभीरता को दिखाते हैं.

बाघ के हमले सबसे ज्यादा घातक

सबसे चिंताजनक बात यह है कि 20 मौतों में से 10 मौतें सिर्फ बाघ के हमलों में हुई हैं.

खास बात यह भी है कि बाघ के हमलों में घायल होने का कोई मामला सामने नहीं आया, जिससे यह साफ है कि ये हमले सीधे जानलेवा साबित हो रहे हैं.

इन इलाकों में ज्यादा खतरा

क्षेत्रवार आंकड़ों में:

  • रामनगर डिवीजन में 3 मौतें
  • नैनीताल डिवीजन में 2 मौतें

इसके अलावा तेंदुआ (गुलदार) और हाथी के हमलों में भी बढ़ोतरी देखी गई है.

ये जानवर अब जंगलों से निकलकर आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं.

सरकार और वन विभाग की तैयारी

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.

वन विभाग द्वारा:

  • जागरूकता अभियान
  • ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर लाइट
  • वन क्षेत्रों के आसपास सुरक्षा बढ़ाने
  • स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा

जैसे कदम उठाए जा रहे हैं.

बदलता वन्यजीव व्यवहार बना वजह

प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्रा के अनुसार, वन्यजीवों के मूवमेंट पैटर्न में बदलाव इस समस्या की बड़ी वजह है.

भोजन की कमी, बढ़ता मानव हस्तक्षेप और जंगलों का सिकुड़ना जानवरों को बस्तियों की ओर धकेल रहा है.

पिछले साल से ज्यादा गंभीर हालात

साल 2025 में पूरे वर्ष में 68 मौतें हुई थीं, जबकि 2026 में सिर्फ तीन महीनों में ही 20 लोग जान गंवा चुके हैं.

इससे साफ है कि समस्या तेजी से बढ़ रही है.

समाधान क्या है?

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • जंगलों के आसपास सुरक्षा बढ़ानी होगी
  • आधुनिक तकनीकों से निगरानी करनी होगी
  • लोगों में जागरूकता बढ़ानी होगी

साथ ही यह समझना भी जरूरी है कि वन्यजीवों की सुरक्षा और मानव जीवन दोनों का संतुलन बनाना बेहद जरूरी है.

Tags: UttarakhandUttarakhand newsUttarakhand news hindi
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