प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीवों के दीदार के शौकीनों के लिए अच्छी खबर है। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में अब सैलानियों को पूरे दिन जंगल में रहने और सफारी का आनंद लेने का मौका मिलेगा। पार्क प्रशासन फुल डे सफारी शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
पहले चरण में इन जोन से शुरुआत
फुल डे सफारी की शुरुआत पहले चरण में बिजरानी, गर्जिया, ढेला और झिरना जोन से की जाएगी। इसके तहत पर्यटक केवल कुछ घंटों की बजाय पूरे दिन जंगल में समय बिता सकेंगे।
अब तक यह है व्यवस्था
फिलहाल कार्बेट में सात पर्यटक जोन—बिजरानी, गर्जिया, ढेला, झिरना, दुर्गादेवी, वतनबसा और सोनानदी-पाखरो में डे विजिट की सुविधा है।
गर्मियों में सफारी सुबह 6 से 10 बजे और दोपहर 2 से 6 बजे तक होती है, जबकि सर्दियों में समय थोड़ा बदला रहता है।
कैसे होगी फुल डे सफारी
नई व्यवस्था के तहत पर्यटक सूर्योदय के समय जंगल में प्रवेश करेंगे और सूर्यास्त के बाद लौटेंगे।
- पहले चरण में 4 घंटे सफारी
- दोपहर में वन विश्राम गृह या वॉच टावर में समय बिताने का मौका
- इसके बाद फिर से सफारी
इस दौरान पर्यटकों को जंगल की जैव विविधता की जानकारी भी दी जाएगी और बर्ड वॉचिंग का मौका मिलेगा।
शुल्क होगा ज्यादा, लेकिन अनुभव भी खास
फुल डे सफारी के लिए शुल्क भी अधिक रखा जाएगा। देश के अन्य पार्कों जैसे रणथंभौर नेशनल पार्क और ताडोबा नेशनल पार्क में यह शुल्क 30 से 40 हजार रुपये तक है। इसी आधार पर कार्बेट में भी शुल्क तय किया जाएगा।
आय बढ़ाने और पर्यटन को बढ़ावा
पार्क प्रशासन के अनुसार इस पहल से न केवल पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा, बल्कि पार्क की आय में भी बढ़ोतरी होगी।
निदेशक डॉ. साकेत बडोला के अनुसार, यह सुविधा पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव साबित होगी।


