पौड़ी गढ़वाल में जनगणना 2026 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने शुक्रवार को एनआईसी कक्ष में आयोजित बैठक में जनगणना की तैयारियों और स्व-गणना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और प्रगणकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यह कार्य पूरी जिम्मेदारी, शुद्धता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को दिए गए प्रशिक्षण का भी आकलन किया। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने दायित्वों को गंभीरता से निभाएं और तय समयसीमा के भीतर लक्ष्य हासिल करें।
25 अप्रैल से शुरू होगा प्रथम चरण
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि जनगणना का पहला चरण 25 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 24 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान जिले के सभी क्षेत्रों में घर-घर जाकर डेटा एकत्र किया जाएगा। उन्होंने उपजिलाधिकारियों से उनके क्षेत्रों में चल रही स्व-गणना की प्रगति की जानकारी ली और सीमांकन कार्य की भी समीक्षा की।
प्रशासन के अनुसार, जिले में सीमांकन का कार्य पूरी तरह से पूरा हो चुका है, जिससे अब फील्ड वर्क में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखें और किसी भी समस्या का तुरंत समाधान करें।
लक्ष्य आधारित काम और साप्ताहिक समीक्षा
जिलाधिकारी ने सभी प्रगणकों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन का लक्ष्य तय करें और उसी के अनुसार कार्य करें। उन्होंने कहा कि समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के लिए यह जरूरी है कि हर प्रगणक अपनी जिम्मेदारी को समझे और उसी हिसाब से काम करे।
इसके साथ ही प्रभारी अपर जिलाधिकारी को जनगणना कार्य की साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे कार्य की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही की संभावना को रोका जा सकेगा। प्रशासन का मानना है कि नियमित समीक्षा से कार्य की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
27 अप्रैल तक परिवारों का आंकलन जरूरी
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी प्रगणक 27 अप्रैल तक अपने-अपने क्षेत्रों में कुल परिवारों की संख्या का आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। यह चरण आगे की प्रक्रिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसी आधार पर आगे की गणना की योजना तैयार की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी क्षेत्र में तकनीकी या प्रशासनिक समस्या आती है, तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। किसी भी कारण से कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए.
जनगणना: योजना निर्माण की नींव
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश की विकास योजनाओं की नींव है। इसलिए इसमें एक-एक जानकारी का सही और विश्वसनीय होना बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए, ताकि यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो सके।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें संयुक्त मजिस्ट्रेट, शिक्षा विभाग और सूचना विज्ञान विभाग के अधिकारी शामिल थे। सभी ने जनगणना कार्य को सफल बनाने के लिए अपने-अपने स्तर पर पूरी तैयारी का भरोसा दिया।


