पुष्कर सिंह धामी एक बार फिर आम जनता के बीच पहुंचे और सीधे संवाद के जरिए लोगों की समस्याएं सुनीं। शनिवार को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए लोगों ने अपनी परेशानियां साझा कीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हर शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कई मामलों का तत्काल निपटारा भी किया।
जनसुनवाई के दौरान सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सहायता जैसे अहम मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही सभी शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि लोगों को समय पर राहत मिल सके।
जनसुनवाई को बताया जनसेवा का मजबूत माध्यम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जनसुनवाई सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि शासन-प्रशासन आमजन के प्रति अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और संवेदनशील बने।
उन्होंने यह भी कहा कि जब जनता की समस्याएं सीधे सुनी जाती हैं और उनका समाधान मौके पर किया जाता है, तो इससे लोगों का विश्वास शासन पर और मजबूत होता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड स्तर पर सक्रिय रहकर समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करें।
फिल्म नीति को लेकर मिला सम्मान
इस दौरान उत्तराखंड फिल्म टेलीविजन एंड रेडियो एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की और राज्य की नई फिल्म नीति के लिए उन्हें अभिनंदन पत्र सौंपा। एसोसिएशन ने कहा कि इस नीति के लागू होने से उत्तराखंड फिल्म निर्माण के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है।
उन्होंने बताया कि नई नीति के चलते स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार के अवसर मिलने लगे हैं, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
छात्राओं की रचनात्मक पहल ने जीता दिल
कार्यक्रम का एक खास और भावुक पल तब देखने को मिला, जब विभिन्न स्कूलों की छात्राएं जन जागरण अभियान समिति के बैनर तले सरकार की योजनाओं पर आधारित पोस्टर लेकर पहुंचीं। इन पोस्टरों में छात्राओं ने बड़ी खूबसूरती से दिखाया कि किस तरह सरकारी योजनाएं आम लोगों की जिंदगी में बदलाव ला रही हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्राओं की इस पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जब बच्चे समाज और शासन से जुड़े विषयों को समझकर उन्हें रचनात्मक रूप में प्रस्तुत करते हैं, तो यह किसी भी सरकार के लिए गर्व की बात होती है।
शिक्षा और युवा विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और युवा विकास को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखती है। उन्होंने कहा कि भविष्य की नीतियां भी इन्हीं क्षेत्रों को ध्यान में रखकर बनाई जाएंगी, ताकि राज्य का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।


