देहरादून के कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनता दरबार में आम लोगों की समस्याओं की लंबी फेहरिस्त सामने आई। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में हुई इस जनसुनवाई में कुल 167 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि बाकी मामलों को संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए भेजा गया।
जनता दरबार में भूमि विवाद, अतिक्रमण, मारपीट, भरण-पोषण, आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा जैसे कई गंभीर मुद्दे सामने आए। प्रशासन ने सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।
बुजुर्गों की पीड़ा सुन प्रशासन सख्त
जनसुनवाई के दौरान सबसे भावुक और गंभीर मामले बुजुर्गों के उत्पीड़न से जुड़े रहे। फतेहपुर निवासी 80 वर्षीय बीर सिंह ने अपने ही बेटे और बहू पर मारपीट और उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर प्रशासन ने पुलिस को वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसी तरह इंद्रा कॉलोनी निवासी अशोक कुमार धवन और हरेकृष्णा विहार की शकुंतला कौर ने भी अपने बच्चों द्वारा प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई। प्रशासन ने इन मामलों में भरण-पोषण अधिनियम के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आर्थिक मदद और शिक्षा पर भी फोकस
जनता दरबार में कई ऐसे मामले भी सामने आए, जहां लोग आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। कांवली रोड निवासी अमरजीत कौर ने अपनी बेटियों की पढ़ाई के लिए मदद मांगी, जिस पर अधिकारियों को नंदा सुनंदा योजना के तहत सहायता देने के निर्देश दिए गए।
वहीं, कक्षा 12 के छात्र आर्यन रमोला ने पिता के निधन के बाद फीस जमा करने में असमर्थता जताई। इस पर प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन से समन्वय कर समस्या के समाधान के निर्देश दिए।
इसके अलावा दिव्यांग बुजुर्ग वीरेंद्र धीमान ने भी आर्थिक सहायता की गुहार लगाई, जिस पर प्रशासन ने जांच कर मदद प्रक्रिया शुरू करने को कहा.
अतिक्रमण और विकास कार्यों पर सख्ती
जनता दरबार में अतिक्रमण और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी कई शिकायतें आईं। ग्रामसभा लांघा के ग्रामीणों ने सार्वजनिक मार्ग पर अवैध कब्जे की शिकायत की, जिस पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इंद्रा एन्क्लेव में बिना अनुमति मोबाइल टावर लगाने के मामले में प्रशासन ने तुरंत रोक लगाते हुए जांच के आदेश दिए। वहीं, मोटर मार्ग निर्माण में देरी और गुणवत्ता को लेकर भी संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब की गई।
समयबद्ध समाधान पर जोर
प्रशासन ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता से जुड़ी समस्याओं का समाधान समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी, एसडीएम और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।


