उत्तराखंड में उद्योगों और इंजीनियरिंग इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों के लिए करीब 20 साल बाद न्यूनतम वेतन का पुनरीक्षण किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंजूरी के बाद नई मजदूरी दरें तय कर दी गई हैं, जिससे लाखों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
राज्य के उद्योगों, इंजीनियरिंग इकाइयों और निजी व अनुसूचित संस्थानों में कार्यरत तीन लाख से अधिक श्रमिक इस फैसले से लाभान्वित होंगे। सरकार का कहना है कि यह कदम श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में अहम है।
नई न्यूनतम वेतन दरें लागू
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार नई वेतन दरें इस प्रकार होंगी (वीडीए सहित):
- अकुशल श्रमिक: 13,800 रुपये
- अर्धकुशल श्रमिक: 15,000 रुपये
- कुशल श्रमिक: 16,900 रुपये
महंगाई भत्ते में भी बढ़ोतरी
निजी और अनुसूचित संस्थानों के श्रमिकों के लिए परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (VDA) 518 रुपये प्रति माह बढ़ाया गया है। इससे दुकानों, होटल-रेस्टोरेंट, अस्पताल, पेट्रोल पंप, निर्माण कार्य और अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त राहत मिलेगी।
त्रिदलीय समिति की सिफारिश पर फैसला
वेतन पुनरीक्षण के लिए सरकार, नियोक्ताओं और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों की त्रिदलीय समिति बनाई गई थी। 27 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में सहमति बनने के बाद राज्यपाल की मंजूरी से नई दरें लागू की गईं।
मई के वेतन से मिलेगा लाभ
श्रम विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि श्रमिकों को मई के वेतन में ही बढ़ी हुई दरों का लाभ दिया जाए।
आगे नई मजदूरी संहिता लागू होगी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में वेतन निर्धारण केंद्र सरकार की मजदूरी संहिता 2019 और राज्य की नई नियमावली 2026 के तहत किया जाएगा। इससे वेतन व्यवस्था और अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी।


