Haj Committee of India ने हज यात्रा के लिए हवाई किराए में बढ़ोतरी की घोषणा की है। Iran और United States के बीच बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय संघर्ष के कारण विमान ईंधन (ATF) महंगा हुआ है, जिसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ा है। अब हर जायरीन को लगभग ₹10,000 अतिरिक्त चुकाने होंगे।
15 मई तक जमा करनी होगी अतिरिक्त राशि
उत्तराखंड के हज अधिशासी अधिकारी मोहम्मद आरिफ खान के अनुसार, सभी यात्रियों को यह अतिरिक्त शुल्क 15 मई 2026 तक जमा करना अनिवार्य है। भुगतान State Bank of India, Union Bank of India या हज सुविधा ऐप के जरिए किया जा सकता है।
बैंक में भुगतान करते समय रेफरेंस नंबर देना जरूरी होगा।
उत्तराखंड से 1348 जायरीन होंगे रवाना
इस वर्ष Uttarakhand से कुल 1348 यात्री हज यात्रा पर जा रहे हैं, जिनमें सबसे अधिक 471 यात्री Dehradun से हैं। हज के लिए उड़ानें 18 अप्रैल से शुरू हो चुकी हैं, लेकिन अब बढ़े किराए से यात्रियों की चिंता बढ़ गई है।
युद्ध की वैश्विक कीमत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Pentagon के अधिकारियों ने बताया है कि ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों पर अब तक करीब 25 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं। इसका बड़ा हिस्सा हथियारों, गोला-बारूद और सैन्य संचालन पर खर्च हुआ है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिश
Shehbaz Sharif ने कहा है कि पाकिस्तान, Iran और United States को फिर से बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने यह भी माना कि इस संघर्ष का असर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और ऊर्जा कीमतों पर साफ दिख रहा है।


