मई दिवस पर भारत का मौसम पूरी तरह से सक्रिय नजर आ रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ कई मौसम प्रणालियां काम कर रही हैं, जिनका असर अलग-अलग रूप में दिखाई दे रहा है। उत्तरी भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, पूर्वी हिस्सों में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और दक्षिण भारत में बनी विंड डिसकंटिन्यूटी ने मिलकर मौसम को बेहद अस्थिर बना दिया है। यही वजह है कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक मौसम का मिजाज एक जैसा नहीं है, बल्कि हर क्षेत्र में अलग-अलग स्थिति बनी हुई है।
दिल्ली-एनसीआर में राहत के बीच बनी रहेगी गर्मी
दिल्ली-एनसीआर में बीती रात धूलभरी आंधी और हल्की गरज-चमक के बाद आज मौसम कुछ शांत रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 1 मई को दिनभर आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा, लेकिन व्यापक बारिश की संभावना नहीं है।
तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं होगी और अधिकतम पारा 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। हवाओं की दिशा भी दिनभर बदलती रहेगी, जिससे गर्मी का असर पूरी तरह खत्म नहीं होगा। हालांकि यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली, क्योंकि 2 मई से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होगा, जिससे 4 से 6 मई के बीच एक बार फिर आंधी और बारिश की संभावना बन रही है।
पूर्वी भारत में भारी बारिश और बिजली का खतरा
पूर्वी भारत के राज्यों में आज मौसम सबसे ज्यादा प्रभावी रहने वाला है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस क्षेत्र में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं, जो लगातार नमी खींच रहे हैं। इसके चलते गरज-चमक के साथ तेज बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है। ऐसे हालात में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे और ऊंचे इलाकों से दूर रहने की जरूरत है।
दक्षिण भारत में जारी रहेगा बारिश का सिलसिला
दक्षिण भारत में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। बेंगलुरु में हाल ही में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई थी और अब भी वहां बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
केरल और तमिलनाडु के आंतरिक हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ तूफान की स्थिति बनी रह सकती है। तेलंगाना से लेकर मन्नार की खाड़ी तक फैली विंड डिसकंटिन्यूटी के कारण समुद्र से आने वाली नमी लगातार दक्षिण भारत के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंच रही है, जिससे अगले चार से पांच दिनों तक मौसम सक्रिय बना रह सकता है।
तापमान में राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी
देश के कई हिस्सों में मौसम के इस बदलाव के कारण तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। हालांकि मौसम का यह रूप अपने साथ खतरे भी लेकर आया है।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, यात्रा करते समय मौसम की जानकारी लेते रहें और आंधी-तूफान या बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।


