तमिलनाडु के सलेम जिले के गंगवल्ली इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है . यहां एक नाबालिग बेटे ने अपने ही पिता की हत्या कर दी . शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह घटना लंबे समय से चल रहे घरेलू विवाद और कथित उत्पीड़न से जुड़ी हुई है .
रिक्शा चालक था मृतक, परिवार में पत्नी और तीन बच्चे
मृतक की पहचान 43 वर्षीय करुप्पु मुथु के रूप में हुई है, जो पेशे से रिक्शा चालक था . उसकी पत्नी संगीता और तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियां और एक बेटा उदयसबरी शामिल है . बेटा स्थानीय सरकारी स्कूल में दसवीं कक्षा का छात्र है .
शराब की लत से बिगड़ा परिवार का माहौल
परिजनों के अनुसार, करुप्पु मुथु को शराब की लत थी . वह अक्सर नशे में घर आता और पत्नी व बेटे के साथ मारपीट करता था . लगातार झगड़े और हिंसा के कारण पत्नी और बेटा पिछले करीब दो साल से अलग रह रहे थे, लेकिन इसके बावजूद विवाद खत्म नहीं हुआ .
20 अप्रैल को संदिग्ध हालत में मिला शव
20 अप्रैल को करुप्पु मुथु अपने घर के पास संदिग्ध हालत में मृत पाया गया . स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी . पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू की .
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि
शुरुआत में परिवार ने इसे हादसा बताया और कहा कि वह नशे में गिरने से मरा . लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मौत स्वाभाविक नहीं बल्कि हत्या के कारण हुई है . इसके बाद पुलिस को शक हुआ और परिवार से सख्ती से पूछताछ की गई .
पूछताछ में बेटे ने कबूला अपराध
पूछताछ के दौरान नाबालिग बेटे ने स्वीकार किया कि वह पिता की रोज की मारपीट और हिंसा से परेशान था . गुस्से में आकर उसने लकड़ी के डंडे से पिता पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई . यह घटना मां के सामने ही हुई बताई जा रही है .
आरोपी नाबालिग को भेजा गया बाल सुधार गृह
कबूलनामे के बाद पुलिस ने नाबालिग को हिरासत में ले लिया और उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया है . मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है .
घटना ने उठाए कई गंभीर सवाल
यह मामला घरेलू हिंसा और पारिवारिक तनाव के खतरनाक परिणामों को दिखाता है . लगातार विवाद और हिंसा किस तरह एक बच्चे को ऐसे कदम उठाने पर मजबूर कर सकती है, यह घटना उसी का उदाहरण है .


