उत्तराखंड के श्रीनगर में सोमवार को विश्व रक्तदाता दिवस और विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित इन कार्यक्रमों में लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई.
रक्तदान को बताया मानवता की सर्वोत्तम सेवा
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर वीर चंद्र सिंह गढ़वाली बेस अस्पताल में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज नाजिश कलीम ने लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व के बारे में जागरूक किया.
उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है और इससे जरूरतमंद मरीजों की जान बचाई जा सकती है. उन्होंने लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील भी की.
स्वस्थ व्यक्ति को करना चाहिए रक्तदान
बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश रावत ने कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए. उन्होंने बताया कि रक्तदान न केवल जरूरतमंदों की मदद करता है बल्कि समाज में मानवता और सहयोग की भावना को भी मजबूत बनाता है.
शिविर में उपस्थित लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, नालसा हेल्पलाइन 15100 तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई.
समाधान समारोह 2026 की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को 21 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक उच्चतम न्यायालय में आयोजित होने वाले ‘समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026’ के बारे में भी जानकारी दी गई. अधिकारियों ने लोगों को इस पहल के महत्व और इसके लाभों के बारे में विस्तार से बताया.
वृद्धजनों के अधिकारों पर भी हुआ जागरूकता कार्यक्रम
इसी क्रम में अधिवक्ता संघ भवन, श्रीनगर में विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस और ‘आश्रय और अधिकार: निराश्रितों का विधिक अधिकार अभियान’ के तहत एक विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया.
शिविर में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, सम्मान, सुरक्षा और उनके लिए उपलब्ध कानूनी संरक्षण संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई. कार्यक्रम का उद्देश्य वृद्धजनों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना और उनके अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करना था.
निराश्रितों और जरूरतमंदों को दी गई योजनाओं की जानकारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नाजिश कलीम ने निराश्रित और जरूरतमंद लोगों के लिए उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता, पुनर्वास योजनाओं और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी.
उन्होंने पात्र लोगों से इन योजनाओं का लाभ उठाने और जरूरत पड़ने पर विधिक सहायता प्राप्त करने की अपील की.
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एवं विधिक सेवा समिति श्रीनगर की अध्यक्ष अलका, श्रीनगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमेय जोशी, रिटेनर अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह नेगी सहित कई अधिवक्ता, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को रक्तदान के महत्व, वृद्धजनों के अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया.


