देहरादून में जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र (DDRC) की त्रैमासिक जिला प्रबंध समिति की बैठक में दिव्यांगजनों के पुनर्वास और स्वरोजगार को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव शाह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में डीडीआरसी के 25 लाख रुपये के वार्षिक बजट को मंजूरी दी गई। साथ ही गांधी शताब्दी जिला राजकीय चिकित्सालय परिसर में दिव्यांगजनों द्वारा संचालित कैंटीन स्थापित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
950 नए UDID कार्ड बनाए गए
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि पिछले छह माह के दौरान केंद्र की ओर से 950 नए यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड बनाए गए, जबकि 95 कार्डों का नवीनीकरण किया गया। केंद्र दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और UDID कार्ड बनवाने में सहायता उपलब्ध करा रहा है।
निःशुल्क मिल रही हैं पुनर्वास सेवाएं
डीडीआरसी के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र, कृत्रिम अंग, बैसाखी और ब्रेल किट जैसे सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी और मनोवैज्ञानिक परामर्श जैसी पुनर्वास सेवाएं भी निःशुल्क दी जा रही हैं।
कौशल विकास और सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा
केंद्र दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन, छात्रवृत्ति, कौशल विकास, स्वरोजगार और अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से भी जोड़ रहा है। साथ ही विभिन्न विभागों के समन्वय से जागरूकता और स्क्रीनिंग शिविर आयोजित कर दिव्यांगता की शुरुआती पहचान और सहायता सुनिश्चित की जा रही है।
नए उपकरण खरीदने को भी मिली मंजूरी
बैठक में केंद्र की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए नया कंप्यूटर, प्रिंटर और फिजियोथेरेपी से जुड़े आवश्यक उपकरण खरीदने की भी मंजूरी दी गई।
सीडीओ अभिनव शाह ने निर्देश दिए कि गांधी शताब्दी जिला राजकीय चिकित्सालय परिसर में दिव्यांगजनों द्वारा संचालित कैंटीन शुरू करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि इससे दिव्यांगजनों को रोजगार और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।
सेवाओं का होगा व्यापक प्रचार-प्रसार
सीडीओ ने समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि डीडीआरसी की सेवाओं, सहायक उपकरणों और सरकारी योजनाओं का सोशल मीडिया और अन्य जनसंचार माध्यमों के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र दिव्यांगजन इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।


