जनगणना-2027 के द्वितीय चरण को सफलतापूर्वक पूरा कराने के लिए पौड़ी के प्रेक्षागृह सभागार में कार्मिकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में चार्ज अधिकारी, अतिरिक्त चार्ज अधिकारी, जनगणना लिपिक और तकनीकी सहायकों को जनगणना की प्रक्रिया के साथ-साथ तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई।
CMMS पोर्टल की भी दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान कार्मिकों को CMMS पोर्टल के इस्तेमाल और उससे जुड़ी प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने जनगणना कार्य के दौरान तकनीकी व्यवस्था और निर्धारित प्रक्रियाओं का सही तरीके से पालन करने पर जोर दिया।
जनगणना को गंभीरता से लेने के निर्देश
शनिवार को हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान ने सभी कार्मिकों को प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है और इसे सफल बनाने में प्रत्येक कर्मचारी की भूमिका अहम है।
एक भी व्यक्ति जनगणना से न छूटे
अपर जिलाधिकारी ने कार्मिकों से कहा कि प्रशिक्षण के दौरान दी जा रही जानकारी को अच्छी तरह समझें और निर्धारित प्रक्रिया व दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करें। उन्होंने प्रत्येक परिवार और व्यक्ति की गणना सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि कोई भी व्यक्ति जनगणना से वंचित न रहे।
16 नवंबर से शुरू होगी स्वगणना
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण का कार्य पूरा हो चुका है। द्वितीय चरण में 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्वगणना कराई जाएगी। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक जनसंख्या गणना का कार्य होगा।
5 से 9 जनवरी तक होगी रिकवरी गणना
अधिकारियों के अनुसार, यदि जनसंख्या गणना के दौरान कोई परिवार या व्यक्ति छूट जाता है तो उसे शामिल करने के लिए 5 जनवरी से 9 जनवरी 2027 तक रिकवरी गणना कराई जाएगी। अधिकारियों ने सभी कार्मिकों से आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा।
अधिकारी और कार्मिक रहे मौजूद
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना कार्यालय के संयुक्त निदेशक शैलेंद्र नेगी, जनगणना मास्टर ट्रेनर कमल कर्नाटक, शिव कुमार और वीरेंद्र कुमार समेत अन्य अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद रहे।


