AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने यूपी में बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस से गठबंधन की अपील की थी. ओवैसी ने कहा था कि वह 2 अक्टूबर तक इंतजार करेंगे और इसके बाद 150 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे. अब उनकी तय डेडलाइन खत्म होने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पर बड़ा बयान दिया है.
ओवैसी की AIMIM से गठबंधन नहीं करेगी सपा?
अखिलेश यादव ने ओवैसी की डेडलाइन पर जवाब देते हुए कहा, “जो गठबंधन पहले से था, जिसने बीजेपी को हराया, वही गठबंधन कायम रहेगा.” उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा सीटें जीती थीं और आगे भी उनकी पार्टी का यही गठबंधन जारी रहेगा.
अखिलेश यादव के इस बयान से संकेत मिलता है कि समाजवादी पार्टी यूपी में AIMIM के साथ गठबंधन करने के बजाय अपने मौजूदा सहयोगियों के साथ ही चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है.
ओवैसी ने दी थी 2 अक्टूबर तक की डेडलाइन
असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में कानपुर के ईदगाह मैदान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए यूपी चुनाव को लेकर अपनी रणनीति का संकेत दिया था. उन्होंने कहा था कि अगर यूपी में बीजेपी को सरकार बनाने से रोकना है तो AIMIM के साथ गठबंधन किया जाना चाहिए.
ओवैसी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को 2 अक्टूबर तक का समय देते हुए कहा था कि इसके बाद उनकी पार्टी 150 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी करेगी. उन्होंने बिहार चुनाव का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों को चेतावनी दी थी कि उनके बयानों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए.
सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर बात बाकी
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच यूपी चुनाव के लिए सीटों का बंटवारा अभी तक तय नहीं हुआ है. कांग्रेस के कई नेता सार्वजनिक तौर पर सपा से सीटों को लेकर जल्द बातचीत शुरू करने की बात कह चुके हैं. इनमें सहारनपुर सांसद इमरान मसूद और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय शामिल हैं.
वहीं, सूत्रों के मुताबिक अखिलेश यादव यूपी की सभी सीटों को लेकर सर्वे करा रहे हैं. बताया जा रहा है कि सर्वे में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कांग्रेस किन सीटों पर चुनावी तौर पर मजबूत स्थिति में है. रिपोर्ट के आधार पर दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत आगे बढ़ सकती है.
2024 में सपा-कांग्रेस गठबंधन को मिली थीं 43 सीटें
2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में गठबंधन कर चुनाव लड़ा था. सपा ने 37 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस को 6 सीटों पर सफलता मिली थी.
इससे पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा ने मिलकर चुनाव लड़ा था. उस चुनाव में सपा को 5 और बसपा को 10 सीटें मिली थीं. हालांकि, चुनाव के बाद दोनों दलों का गठबंधन टूट गया था.


