सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक महिला पत्रकार एक पुलिस अधिकारी से बात करती नजर आ रही हैं। महिला का आरोप है कि बस के अंदर एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें अनुचित तरीके से छुआ और उनका कहना है कि यह घटना उनके लिए बेहद आपत्तिजनक थी।
‘मैं सबूत कहां से लाऊं?’
वीडियो में महिला पत्रकार पुलिस अधिकारी से कहती सुनाई देती हैं कि पुलिस ने लोगों से उपलब्ध सबूत लेकर आने की अपील की है, लेकिन उनके मामले में वह सबूत कहां से लाएंगी। वह कहती हैं कि घटना बस के अंदर हुई और उनके साथ कथित तौर पर ब्रेस्ट पर टच किया गया।
दो घंटे तक शिकायत दर्ज नहीं होने का दावा
महिला पत्रकार का दावा है कि वह करीब दो घंटे तक वहां बैठी रहीं, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। वीडियो में एक पुलिसकर्मी उन्हें थाने के अंदर चलने के लिए कहता दिखाई देता है। इस दौरान महिला अपने वकील को तलाशती हुई भी नजर आती हैं।
थाने के बाहर जुटे लोग, नारेबाजी
इसके बाद महिला कुछ लोगों के साथ थाने के अंदर जाती दिखाई देती हैं। वीडियो के बैकग्राउंड में एक व्यक्ति की आवाज सुनाई देती है—“देश की राजधानी दिल्ली में ये सब हो रहा है।” वहीं आसपास मौजूद कुछ लोग दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते भी सुनाई देते हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट में ACP पर आरोप
इंस्टाग्राम पर kuldeepkumaraap नाम के यूजर ने दावा किया कि वह पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे थे, जहां एक महिला पत्रकार ने एक ACP पर छेड़छाड़ और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगाए हैं। पोस्ट में संबंधित अधिकारी का नाम “विनय भगत” बताया गया है, हालांकि इस नाम की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
शिकायत दर्ज कराने को लेकर उठे सवाल
पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि महिला पत्रकार के समर्थन में उनके साथी सुबह से थाने के बाहर मौजूद थे और शिकायत दर्ज कराने की मांग कर रहे थे। इसी पोस्ट में एक बच्ची के कई घंटों से शिकायत लेकर थाने के बाहर बैठे होने का भी दावा किया गया है।
पुलिस ने कहा- सबूतों के आधार पर होगी कार्रवाई
एक अन्य वीडियो में एक पुलिस अधिकारी मामले में कार्रवाई का भरोसा देते नजर आ रहे हैं। अधिकारी के मुताबिक, पुलिस को जो भी सबूत उपलब्ध कराए जाएंगे, उनकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जब उनसे FIR दर्ज होने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने भी सबूत मिलने के बाद कार्रवाई की बात कही।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि बाकी
वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित पुलिस अधिकारी पर लगाए गए आरोपों और शिकायत की मौजूदा कानूनी स्थिति के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।


