देहरादून में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और अवैध उपयोग पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) का गठन किया गया है, जो लगातार निगरानी कर रही है.
QRT टीम का औचक निरीक्षण
गठित टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में गैस एजेंसियों का अचानक निरीक्षण किया. इस दौरान गैस की मांग, आपूर्ति, वितरण प्रणाली और होम डिलीवरी व्यवस्था की गहन जांच की गई. उपभोक्ताओं को सही प्रक्रिया से गैस मिल रही है या नहीं, इसकी भी समीक्षा की गई.
16 घरेलू सिलेंडर जब्त
शिमला बायपास और चंद्रबनी क्षेत्र में चलाए गए सघन चेकिंग अभियान के दौरान अनियमितता मिलने पर 16 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए. इन सिलेंडरों के दुरुपयोग को लेकर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.
अवैध उपयोग पर सख्त चेतावनी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग, अवैध भंडारण या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
होम डिलीवरी और पारदर्शिता पर जोर
सभी गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित करें और वितरण प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखें, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो.
शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई
प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों और व्हाट्सएप के माध्यम से गैस आपूर्ति से जुड़ी शिकायतें दर्ज की जा रही हैं. अब तक 26 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिन पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है.
गैस सप्लाई और स्टॉक की स्थिति
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में एक दिन में 10,803 से अधिक घरेलू और 674 व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति की गई. वर्तमान में घरेलू गैस के 31,536 और व्यावसायिक गैस के 2,852 सिलेंडर स्टॉक में उपलब्ध हैं.


