पौड़ी: अभी के समय में मोबाइल फोन हर व्यक्ति की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. यह सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं, बल्कि बैंकिंग, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक संपर्क और जरूरी दस्तावेजों का भी प्रमुख साधन है. ऐसे में मोबाइल फोन का खो जाना न सिर्फ आर्थिक नुकसान का कारण बनता है, बल्कि व्यक्ति के निजी और प्रोफेशनल लाइफ पर भी असर डालता है.
आम लोगों की इस परेशानी को समझते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी श्री सर्वेश पंवार ने जिले के अलग-अलग थानों में मोबाइल गुम होने की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए. उन्होंने साइबर सेल पौड़ी को खास अभियान चलाकर खोए हुए मोबाइल फोन ढूंढने को कहा.
42 मोबाइल फोन किए बरामद
इन निर्देशों के बाद पुलिस उपाधीक्षक ऑपरेशन और साइबर सेल की नोडल अधिकारी श्रीमती निहारिका सेमवाल के नेतृत्व में सीआईयू टीम कोटद्वार ने पिछले एक साल में मिली शिकायतों पर लगातार काम किया. टीम ने तकनीक और सर्विलांस की मदद से अलग-अलग जगहों से कुल 42 मोबाइल फोन बरामद किए. इन मोबाइल फोनों की कुल कीमत करीब ₹8 लाख 40 हजार बताई गई है.
होली से पहले लोगों में खुशी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में 02 मार्च 2026 को अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार श्री मनोज ठाकुर ने कोतवाली कोटद्वार में एक कार्यक्रम के दौरान सभी 42 मोबाइल उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए. अपना खोया हुआ फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे. कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका मोबाइल दोबारा मिल पाएगा, लेकिन पुलिस की मेहनत से उनका भरोसा फिर से मजबूत हुआ है.
होली से पहले मोबाइल वापस मिलने से लोगों की खुशी और बढ़ गई. नागरिकों ने पौड़ी पुलिस का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई से जनता का विश्वास और मजबूत होता है. पौड़ी पुलिस ने एक बार फिर साबित किया है कि वो लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर समाधान के लिए पूरी कोशिश करती है. यह अभियान लोगों के लिए राहत भरा कदम साबित हुआ है और इससे समाज में सुरक्षा की भावना भी बढ़ी है.

