उत्तराखंड के पौड़ी जिले में जंगली जानवरों का खौफ लगातार बढ़ता जा रहा है. हाल ही में पोखड़ा क्षेत्र के भतकोट गांव में गुलदार ने चार साल की मासूम बच्ची को अपना शिकार बना लिया. इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में आक्रोश और डर का माहौल बना हुआ है.
घटना के बाद सरकार के निर्देश पर सक्रिय गुलदार को मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक द्वारा नरभक्षी घोषित कर दिया गया है. लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पोखड़ा और बीरोंखाल ब्लॉक के 10 स्कूलों को एहतियातन बंद कर दिया गया, जिन्हें सोमवार तक बंद रखने के आदेश दिए गए थे.
बच्चों की सुरक्षा के लिए इंतज़ाम
वन विभाग के अनुसार, जैसे ही स्कूल दोबारा खुलेंगे, बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे. डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने बताया कि वन और राजस्व विभाग की टीमें स्कूल आने-जाने के दौरान बच्चों के साथ रहेंगी. इसके अलावा इलाके में कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं और ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जा रही है.
गुलदार को पकड़ने के लिए तीन पिंजरे लगाए गए हैं और दो विभागीय शूटर तैनात किए गए हैं. जरूरत पड़ने पर प्राइवेट शूटरों को भी लगाया जा सकता है. प्रभावित क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है और ग्रामीणों के मवेशियों के लिए चारा-पत्ती की व्यवस्था भी की जा रही है.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने की मुलाक़ात
इस घटना के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी भतकोट गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वन्य जीवों के हमलों को रोकने के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई है, जिसकी वजह से लोग डर के साये में जीने को मजबूर हैं.
बताया जा रहा है कि बीते सितंबर से अब तक इस क्षेत्र में गुलदार के हमलों की करीब 8 घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई है.
इसी बीच पौड़ी के थलीसैंण ब्लॉक के खंड तल्ला गांव में भालू का आतंक भी बना हुआ है. पिछले करीब 20 दिनों में भालू तीन मवेशियों को मार चुका है. हाल ही में एक गोशाला का दरवाजा तोड़कर भालू ने एक गाय को मार डाला और दूसरी को घायल कर दिया. ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द कार्रवाई कर इस खतरे से निजात दिलाने की मांग की है.


