अगर आप ऑफिस की डेस्क पर बैठकर यह सोचते हैं कि एक डिग्री होती तो करियर में आगे बढ़ना आसान हो जाता, तो अब आपके लिए राहत भरी खबर है. AICTE ने वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए पार्ट-टाइम बीटेक कोर्स को मंजूरी दे दी है. यह पहल उन युवाओं के लिए खासतौर पर फायदेमंद साबित होगी, जिन्होंने डिप्लोमा के बाद नौकरी शुरू कर दी, लेकिन आगे की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए.
अब नौकरी छोड़कर रेगुलर कॉलेज जाने की मजबूरी खत्म हो गई है. इस नई व्यवस्था के तहत मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग संस्थान शाम के समय या वीकेंड पर क्लासेस चला सकेंगे. इससे नौकरी के साथ-साथ पढ़ाई करना संभव हो सकेगा. इस कोर्स की सबसे खास बात यह है कि इसकी डिग्री रेगुलर बीटेक के बराबर ही मान्य होगी, जिससे करियर ग्रोथ के नए रास्ते खुलेंगे.
क्या हैं ज़रूरी शर्तें
पार्ट-टाइम बीटेक कोर्स में एडमिशन के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं. उम्मीदवार के पास संबंधित क्षेत्र में डिप्लोमा होना अनिवार्य है. साथ ही किसी रजिस्टर्ड कंपनी या संगठन में कम से कम 1 से 2 साल का कार्य अनुभव भी जरूरी होगा. इसके अलावा उम्मीदवार का कार्यस्थल उस संस्थान के पास होना चाहिए, जहां वह नियमित रूप से क्लास अटेंड कर सके.
इस कोर्स की एक और बड़ी खासियत यह है कि इसमें दाखिले के लिए JEE जैसी कठिन परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी. चयन प्रक्रिया मेरिट, कार्य अनुभव और संबंधित राज्य या विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा या इंटरव्यू के आधार पर होगी. इससे उन छात्रों को राहत मिलेगी, जो नौकरी के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते.
सभी कॉलेज नहीं कर रहे ऑफर
हालांकि सभी कॉलेज इस कोर्स को ऑफर नहीं कर सकते. केवल वही संस्थान पार्ट-टाइम बीटेक चला सकेंगे, जिन्हें AICTE से मान्यता प्राप्त हो और जिनकी रेगुलर कोर्स की कम से कम 80 प्रतिशत सीटें भरी हों. साथ ही संबंधित राज्य सरकार या तकनीकी विश्वविद्यालय से अनुमति लेना भी अनिवार्य होगा. छात्र AICTE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर मान्यता प्राप्त संस्थानों की सूची देख सकते हैं.
इस कोर्स के कई फायदे हैं. सबसे बड़ा फायदा यह है कि छात्र अपनी नौकरी जारी रखते हुए डिग्री हासिल कर सकते हैं. इससे न तो सैलरी पर असर पड़ेगा और न ही करियर में गैप आएगा. इसके अलावा कई सरकारी और निजी क्षेत्रों में प्रमोशन के लिए इंजीनियरिंग डिग्री जरूरी होती है, ऐसे में यह कोर्स करियर ग्रोथ में मददगार साबित होगा.
आर्थिक रूप से भी किफायती
पार्ट-टाइम बीटेक कोर्स आर्थिक रूप से भी किफायती है. रेगुलर कोर्स के मुकाबले इसमें रहने और अन्य खर्चों का बोझ कम होता है, क्योंकि छात्र पहले से ही नौकरी कर रहे होते हैं. साथ ही क्लास में अन्य अनुभवी प्रोफेशनल्स के साथ पढ़ने का मौका मिलता है, जिससे बेहतर नेटवर्किंग और सीखने का अवसर मिलता है.
कुल मिलाकर, AICTE की यह पहल उन लाखों युवाओं के लिए नया रास्ता खोलती है, जो अनुभव और हुनर तो रखते हैं, लेकिन डिग्री की कमी के कारण पीछे रह जाते हैं. अब वे अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं.


