चारधाम यात्रा के दौरान अब यात्रियों को जाम और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी व्हाट्सऐप पर दी जाएगी. अगर हालात ज्यादा बिगड़ते हैं तो यात्रा को रोकने का अधिकार गढ़वाल मंडल के कमिश्नर के पास होगा. इसके लिए एसओपी जारी करने के निर्देश दिए गए हैं. यात्रा मार्ग पर चलने वाले पशुओं का पंजीकरण भी अनिवार्य करने को कहा गया है.
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने गुरुवार को यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने निर्देश दिए कि जाम, भीड़ या किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत व्हाट्सऐप के जरिए यात्रियों तक पहुंचाई जाए. एक सप्ताह के भीतर इसकी प्रगति रिपोर्ट भी मांगी गई है.
कई अहम फैसले लिए गए
डीएम चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी को सभी विभागों और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर बेहतर समन्वय बनाने को कहा गया है. पिछले वर्षों के अनुभवों और चुनौतियों की समीक्षा कर व्यावहारिक भीड़ प्रबंधन योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रमुख स्थानों पर क्यूआर कोड लगाने की बात भी कही गई है, ताकि यात्री उस स्थान और आसपास की जरूरी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें.
नहीं बढ़ेगा किराया
यात्रियों के लिए राहत की खबर यह है कि इस बार चारधाम यात्रा के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी. संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया. बैठक में 10 परिवहन कंपनियों ने भाग लिया.
समिति के अध्यक्ष भास्करानंद भारद्वाज ने बताया कि करीब 70 प्रतिशत यात्री बसों से यात्रा करते हैं. ऋषिकेश से लगभग 2200 बसें चारधाम यात्रा के लिए संचालित होती हैं. समिति का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधा देना है.
ऋषिकेश और हरिद्वार से अलग-अलग होगा किराया
चारधाम यात्रा के लिए ऋषिकेश और हरिद्वार से अलग अलग किराया तय किया गया है. ऋषिकेश से एक धाम का किराया 1680 रुपये, दो धाम 2480 रुपये, तीन धाम 3480 रुपये और चार धाम 4250 रुपये है. हरिद्वार से एक धाम का किराया 1900 रुपये, दो धाम 2690 रुपये, तीन धाम 3680 रुपये और चार धाम 4450 रुपये तय किया गया है. यात्री अपनी सुविधा के अनुसार एक, दो, तीन या चारों धाम का चयन कर सकते हैं.
यह भी तय किया गया है कि उत्तराखंड में पंजीकृत सभी बसें इसी व्यवस्था के तहत संचालित होंगी. बैठक में जीएमओ, टीजीएमओ, गढ़वाल मंडल कॉन्ट्रैक्ट कैरिज, रूपकुंड, सीमांत सहकारी संघ, दून वैली कॉन्ट्रैक्ट कैरिज, गढ़वाल मोटर यूजर्स, गढ़वाल बहुउद्देश्यीय और हरिद्वार वेलफेयर बस सेवा के प्रतिनिधि मौजूद रहे.


