उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस साल 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है. यात्रा को लेकर प्रशासन और संबंधित समितियां पूरी तरह तैयारियों में जुटी हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है.
2200 वाहनों की व्यवस्था, लॉटरी से चयन
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार करीब 2200 वाहनों को यात्रा के लिए तैयार किया गया है. इनमें से 1875 वाहनों का चयन लॉटरी के जरिए किया गया. यह प्रक्रिया संयुक्त यात्रा बस अड्डा परिसर के एक होटल में पूरी की गई. इस पहल का उद्देश्य यात्रा को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है.
पहली बस चलाने का मौका किसे मिला
कार्यक्रम की शुरुआत पूजा-अर्चना के साथ हुई. इसके बाद समिति के अध्यक्ष भास्करानंद भारद्वाज ने मटके से पहली पर्ची निकाली. इसमें जीएमसीसी कंपनी की बस का नंबर निकला. इस बस के मालिक अजय बधानी को इस साल चारधाम यात्रा की पहली बस चलाने का मौका मिला.
लॉटरी के अनुसार पहली पांच बसों में जीएमसीसी के अलावा जीएमओ के संदीप बिष्ट, टीजीएमओ के लोकेश सेमवाल, टीजीएमओ के आकाश धनै और जीएमओयू के रामेंद्र सिंह नेगी की बसें शामिल हैं.
60 साल से ऊपर के यात्रियों की अनिवार्य जांच
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने निर्देश दिए हैं कि 60 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों की अनिवार्य स्वास्थ्य जांच की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग को केदारनाथ और बदरीनाथ में रोटेशन के आधार पर डॉक्टर तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं.
इसके अलावा सड़क, बिजली, पेयजल और हेली सेवाओं को सुचारू बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है, ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की बाधा न आए.
जाम और लैंडस्लाइड से निपटने की तैयारी
प्रशासन ने जाम और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं. बड़े होल्डिंग एरिया विकसित किए जाएंगे और यात्रियों के लिए भोजन व ठहरने की उचित व्यवस्था की जाएगी.
यात्रियों को ‘सचेत ऐप’ डाउनलोड करना अनिवार्य होगा. साथ ही एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिए लगातार अपडेट भी दिए जाएंगे. आपदा की स्थिति में हेली सेवा उपलब्ध रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं.
आपदा प्रबंधन के लिए खास तैयारी
चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने मिलकर एक टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की.
इस दौरान एनडीएमए के सदस्य कृष्णा एस वत्स ने भरोसा दिलाया कि राज्य को हर संभव तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग दिया जाएगा. साथ ही आपदा प्रबंधन में एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग को बढ़ाने और स्टार्टअप्स को अवसर देने पर भी जोर दिया गया.
कुल मिलाकर, इस बार चारधाम यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सकें.


