दिल्ली से देहरादून को जोड़ने वाला 210 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड हाईवे उद्घाटन के लिए लगभग तैयार है. प्रधानमंत्री द्वारा इसका उद्घाटन अप्रैल माह में किए जाने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, अभी तक उद्घाटन की आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की गई है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इसको लेकर तेजी से तैयारियां कर रहा है.
हाईवे के तीसरे और चौथे चरण में आने वाले करीब 53 किलोमीटर मार्ग पर 28 दिसंबर से हल्के और भारी वाहन चलने लगे हैं. इस हाईवे को एशिया का सबसे लंबा ईको कॉरिडोर भी बताया जा रहा है, जिसके चलते यह लगातार चर्चा में बना हुआ है. खास बात यह है कि गणेशपुर से देहरादून के बीच करीब 20 किलोमीटर का रास्ता राजाजी नेशनल पार्क की खूबसूरत वादियों से होकर गुजरता है, जो यात्रियों के लिए बेहद आकर्षक और सुखद अनुभव प्रदान करेगा.
कुछ जरूरी सुविधाएं अभी अधूरी
हालांकि, इस महत्वाकांक्षी परियोजना में कुछ जरूरी सुविधाएं अभी अधूरी हैं. पूरे एक्सप्रेस-वे के किनारे पार्किंग हब और रेस्ट एरिया बनाने की योजना थी, जिसमें यात्रियों के लिए ईवी चार्जिंग स्टेशन, खानपान की सुविधाएं और शौचालय जैसी जरूरी व्यवस्थाएं शामिल हैं. इन सुविधाओं को भी अप्रैल तक पूरा किया जाना था, लेकिन अब तक यह कार्य अधूरा है.
देरी के कारण कई स्थानों पर निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है. सहारनपुर क्षेत्र के हरौड़ा से सैयद माजरा टोल प्लाजा के बीच पहले से बने तीन रेस्ट एरिया को अब हटाया जा रहा है. इन इमारतों से खिड़कियां और दरवाजे तक निकाल दिए गए हैं. वहीं, बिहारीगढ़ के पास मनोहरपुर में नए रेस्ट एरिया का निर्माण किया जाना है, लेकिन वहां भी काम धीमी गति से चल रहा है.
अधिकांश निर्माण कार्य हुआ पूरा
एनएचएआई के रुड़की क्षेत्र के परियोजना निदेशक विशाल गोयल के अनुसार, उनके क्षेत्र में हाईवे का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. उन्होंने बताया कि उद्घाटन की तारीख को लेकर अभी कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है.
कुल मिलाकर, दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे से यात्रा का समय कम होने और बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है, लेकिन यदि रेस्ट एरिया और अन्य सुविधाएं समय पर पूरी नहीं होती हैं, तो यात्रियों को शुरुआती दौर में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.


