पौड़ी गढ़वाल में टाटा ट्रस्ट के उपक्रम हिमोत्थान सोसायटी द्वारा संचालित कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और विभागीय योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी Swati S Bhadauria ने की. इसमें कृषि, पशुपालन, कौशल विकास, शिक्षा, पेयजल और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में योजनाओं के कन्वर्जेंस पर विस्तार से चर्चा की गई.
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों को बेहतर आय दिलाने के लिए मार्केट लिंकेज पर विशेष ध्यान देना जरूरी है. उन्होंने कहा कि मोटे अनाज और स्थानीय उत्पादों को उचित बाजार और बेहतर मूल्य उपलब्ध कराए जाने से किसानों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.
कोल्ड स्टोरेज और एलाइड सेक्टर पर फोकस
जिलाधिकारी ने जनपद में कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा कि फल, सब्जी और अन्य कृषि उत्पादों के संरक्षण के लिए बेहतर भंडारण व्यवस्था आवश्यक है. इससे किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने और बेहतर कीमत प्राप्त करने में मदद मिलेगी. उन्होंने उद्यान, पशुपालन, डेयरी, मशरूम और सब्जी उत्पादन जैसे कृषि से जुड़े क्षेत्रों पर समेकित रूप से कार्य करने के निर्देश भी दिए.
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी नई पहल को पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाए. इससे उसके परिणामों का आकलन कर उसे अन्य क्षेत्रों में भी प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा. उन्होंने हिमोत्थान सोसायटी को विभिन्न विभागों के साथ मिलकर चयनित परियोजनाओं की संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए. ठक में हिमोत्थान सोसायटी द्वारा चयनित 266 राजस्व गांवों की सूची तैयार कर संबंधित विभागों के साथ साझा करने को कहा गया. साथ ही यह स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए कि किन गांवों में किस क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है, ताकि विभागीय योजनाओं को उसी के अनुरूप समन्वित किया जा सके.
अधिकारियों ने दिए सुझाव
मुख्य विकास अधिकारी Girish Gunwant ने कहा कि विभागों और हिमोत्थान सोसायटी के बीच बेहतर समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. वहीं प्रभागीय वनाधिकारी Mahatim Yadav ने सामुदायिक स्तर पर लीसा (रेजिन) संग्रहण और कम्युनिटी काउशेड जैसी पहल को ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए उपयोगी बताया.
बैठक में हिमोत्थान सोसायटी की ओर से Rajendra Koshyari ने प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया कि संस्था जनपद में कृषि, कौशल विकास, पशुधन, शिक्षा, पेयजल और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में समुदाय आधारित विकास कार्य कर रही है.


