पौड़ी गढ़वाल में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में जनसमस्याओं के समाधान को लेकर प्रशासन सक्रिय नजर आया. जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए.
सोमवार को आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 17 नई शिकायतें सामने आईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया. शेष मामलों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए जल्द समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.
94 प्रतिशत का हुआ समाधान
कार्यक्रम के दौरान पूर्व में दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि अब तक कुल 359 शिकायतों में से 338 का समाधान किया जा चुका है, जो लगभग 94 प्रतिशत से अधिक है. शेष 21 शिकायतें नीति और मांग आधारित हैं, जिन्हें आगामी योजनाओं में शामिल कर निस्तारित किया जाएगा.
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हर सप्ताह विभागीय स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित करें और लंबित शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें.
स्थानीय समस्याएं आई सामने
जनता मिलन में कई महत्वपूर्ण स्थानीय समस्याएं भी सामने आईं. विकासखंड कल्जीखाल के थापली गांव की प्रधान इन्दु देवी ने लोवर थपली के 15 परिवारों के लिए पेयजल की कमी का मुद्दा उठाया. इस पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता को तत्काल कार्रवाई करते हुए जूनियर इंजीनियर को मौके पर भेजने के निर्देश दिए.
विकासखंड पाबौ के ग्राम कोला की प्रधान बीना देवी ने बताया कि जंगली जानवरों के कारण 70 किसान परिवारों की फसल प्रभावित हो रही है. इस पर मुख्य कृषि अधिकारी को स्थलीय निरीक्षण कर प्रस्ताव तैयार कर जिला योजना में शामिल करने को कहा गया.
ज़िलाधिकारी ने क्या कहा
इसके अलावा सिमखेत निवासी सरोजनी देवी की भूमि विवाद की शिकायत पर उपजिलाधिकारी को मौके पर जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए. वहीं देवप्रयाग क्षेत्र में सहकारी समिति में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों को संयुक्त जांच के आदेश दिए गए.
अपर चौपड़ा क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता को लेकर महिलाओं ने चिंता जताई, जिस पर वन विभाग को तत्काल टीम भेजकर आवश्यक कदम उठाने को कहा गया.
जिलाधिकारी ने कहा कि जनता मिलन कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ शिकायत सुनना नहीं, बल्कि उनका त्वरित और प्रभावी समाधान करना है. इसी के तहत खीर्सू और भैस्वाड़ा समेत कई क्षेत्रों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया.
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए.


