गर्मी के बढ़ते प्रकोप और सप्ताहांत की छुट्टियों का असर अब साफ तौर पर ऋषिकेश में देखने को मिल रहा है. शनिवार को बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु शहर पहुंचे, जिससे पूरे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था चरमरा गई. सुबह से ही शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ता गया और कई जगह लंबा जाम लग गया.
ऋषिकेश-हरिद्वार मार्ग, बाईपास रोड, इंद्रमणि बडोनी चौक से भद्रकाली चेकपोस्ट तक और तपोवन-शिवपुरी मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं. इन रास्तों पर पर्यटक वाहनों की अधिक संख्या के कारण यातायात धीमा पड़ गया, जिससे यात्रियों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा. स्थानीय लोगों के लिए भी अपने दैनिक कार्यों के लिए निकलना मुश्किल हो गया.
शहर में उमड़े टूरिस्ट
पर्यटकों की बढ़ती भीड़ का असर शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी दिखाई दिया. नीर झरना और पटना झरना जैसे स्थानों पर भारी संख्या में लोग पहुंचे, जिससे इन जगहों पर रौनक तो बढ़ी, लेकिन व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया. गर्मी से राहत पाने के लिए लोग इन प्राकृतिक स्थलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं.
शहर का सबसे व्यस्त क्षेत्र त्रिवेणी घाट भी शनिवार को पूरी तरह जाम की चपेट में आ गया. यहां स्थिति इतनी खराब हो गई कि पार्किंग स्थल भरने के बाद वाहनों को सड़कों के किनारे खड़ा करना पड़ा. पार्किंग के बाहर तक गाड़ियों की लाइन लग गई, जिससे यातायात और अधिक प्रभावित हुआ. जाम का असर आसपास के इलाकों में भी देखने को मिला.
शाम को बढ़ गया जाम
शाम के समय स्थिति और गंभीर हो गई, जब त्रिवेणी घाट पर होने वाली प्रसिद्ध गंगा आरती के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. रोजाना शाम करीब साढ़े छह बजे होने वाली इस आरती में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं, लेकिन सप्ताहांत और छुट्टियों के चलते इस बार भीड़ असामान्य रूप से अधिक रही. पार्किंग में जगह न मिलने के कारण लोगों ने पुलिस चौकी के पास तक वाहन खड़े कर दिए, जिससे जाम सुभाष चौक तक फैल गया.
इस दौरान जाम में फंसे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. स्थानीय निवासी, पर्यटक और श्रद्धालु सभी घंटों तक यातायात में फंसे रहे. कई लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके.
प्रशासन और पुलिस की ओर से यातायात को सुचारु करने के प्रयास किए गए, लेकिन वाहनों की अत्यधिक संख्या के चलते स्थिति को नियंत्रित करना मुश्किल साबित हुआ. स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन सीजन में ट्रैफिक प्रबंधन के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि इस तरह की समस्याओं से बचा जा सके.


