रमजान का पवित्र महीना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है और दुनियाभर के मुसलमान चांद रात का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. चांद रात वह रात होती है जब शव्वाल का चांद दिखाई देता है और उसी के साथ रमजान का महीना समाप्त होता है तथा अगले दिन ईद-उल-फितर मनाई जाती है.
इस साल भारत में रमजान की शुरुआत 18 फरवरी 2026 को चांद दिखने के बाद हुई थी, जबकि सऊदी अरब में यह एक दिन पहले शुरू हुआ था.
भारत में कब मन सकती है ईद-उल-फितर
चूंकि भारत में रमजान 18 फरवरी से शुरू हुआ था, इसलिए ईद-उल-फितर 20 मार्च या 21 मार्च 2026 को मनाई जा सकती है.
अगर 19 मार्च को मग़रिब की नमाज के बाद चांद दिख जाता है, तो ईद 20 मार्च को मनाई जाएगी.
अगर उस दिन चांद नहीं दिखता, तो रमजान 30 दिन का होगा और ईद 21 मार्च को मनाई जाएगी.
सऊदी अरब में ईद की संभावित तारीख
सऊदी अरब में रमजान एक दिन पहले शुरू हुआ था, इसलिए वहां ईद की तारीख भी पहले हो सकती है. अगर 18 मार्च को चांद दिख गया, तो ईद 19 मार्च को होगी.
अगर चांद नहीं दिखा, तो ईद 20 मार्च को मनाई जाएगी.
भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में अक्सर एक दिन बाद ईद
दक्षिण एशिया के देशों जैसे भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में ईद आमतौर पर सऊदी अरब से एक दिन बाद मनाई जाती है. इसका कारण स्थानीय स्तर पर चांद दिखाई देने का अलग-अलग समय होता है.
अगर 20 मार्च 2026 को चांद दिखाई देता है, तो भारत और पाकिस्तान में ईद 21 मार्च 2026 को मनाए जाने की संभावना है.
क्यों ज़रूरी है चांद का दिखना
इस्लामी कैलेंडर चंद्रमा के चक्र पर आधारित होता है. हर नया महीना तब शुरू होता है जब आसमान में नया चांद दिखाई देता है.
रमजान के बाद आने वाला महीना शव्वाल कहलाता है और शव्वाल के पहले दिन ही ईद-उल-फितर मनाई जाती है.
खाड़ी देशों में क्या है अनुमान
अंतरराष्ट्रीय खगोलीय केंद्र के अनुसार 19 मार्च को खाड़ी देशों में शव्वाल का चांद दिखाई देने की संभावना है. अगर ऐसा होता है तो पश्चिम एशिया के कई देशों में ईद 20 मार्च को मनाई जा सकती है.
कतर में ईद की छुट्टियों का ऐलान
कतर सरकार ने ईद-उल-फितर के मौके पर सात दिन की सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की है. सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में 17 मार्च से 23 मार्च तक अवकाश रहेगा.
चांद रात का फैसला कैसे होगा
कतर सहित कई देशों में धार्मिक समितियां चांद दिखने की पुष्टि करती हैं. खगोलीय गणनाओं के अनुसार 19 मार्च सुबह 4:24 बजे चांद का जन्म होगा. इसलिए 18 मार्च की शाम को चांद दिखने की संभावना बहुत कम मानी जा रही है.
जम्मू-कश्मीर में जुमात-उल-विदा की तारीख बदली
रमजान के अंतिम शुक्रवार यानी जुमात-उल-विदा को लेकर अनिश्चितता के कारण जम्मू-कश्मीर सरकार ने इसकी छुट्टी 20 मार्च से बदलकर 13 मार्च 2026 कर दी है.


