पौड़ी गढ़वाल जनपद के कोटद्वार स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में “अफसर बिटिया” कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम बाल विकास परियोजना दुगड्डा द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड शिक्षा अधिकारी वर्षा भारद्वाज ने की. इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने बालिकाओं को जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं.
स्वास्थ्य, पोषण और करियर पर मार्गदर्शन
कार्यक्रम में डॉ. योगिता कोठियाल ने बालिकाओं को स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया. साथ ही उन्होंने छात्राओं को बेहतर करियर विकल्प चुनने के लिए मार्गदर्शन भी दिया.
उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और सही दिशा में किया गया प्रयास ही सफलता की कुंजी है.
सुरक्षा और जागरूकता पर जोर
पुलिस विभाग की एंटी ट्रैफिकिंग यूनिट से उप निरीक्षक सुमनलता ने बालिकाओं को व्यक्तिगत सुरक्षा के बारे में जागरूक किया. उन्होंने नशे से दूर रहने और अंजान लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी.
हेड कांस्टेबल विमला नेगी ने साइबर क्राइम से बचाव और ऑनलाइन सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी. उन्होंने छात्राओं को सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने के टिप्स भी दिए.
कानून और अधिकारों की जानकारी
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राकेश चंद्र बिडालिया ने पॉक्सो अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी. वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संदीप बिष्ट ने बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया.
उन्होंने विभिन्न प्रकार के अपराधों और उनसे बचाव के तरीकों पर भी प्रकाश डाला.
शिक्षा और करियर को लेकर प्रेरणा
सीडीपीओ नेहा बेलवाल ने “अफसर बिटिया” कार्यक्रम के उद्देश्य को समझाते हुए बालिका शिक्षा के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने करियर काउंसलिंग के माध्यम से छात्राओं का मार्गदर्शन किया.
खंड शिक्षा अधिकारी वर्षा भारद्वाज ने भी छात्राओं को पढ़ाई के प्रति प्रेरित किया और उन्हें अपने भविष्य के लिए लक्ष्य निर्धारित करने की सलाह दी.
प्रतियोगिता और सम्मान
कार्यक्रम के दौरान “मेरे सपनों की उड़ान” विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया गया.
विद्यालय की प्रधानाचार्य बबीता ध्यानी ने छात्राओं से शिक्षा जारी रखने की अपील की और विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी दी.
कार्यक्रम का संचालन सुपरवाइजर शिवाली ने किया. इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
यह कार्यक्रम बालिकाओं को जागरूक, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ.


