इस समय देश में हर तरफ panic फैला हुआ है कि कोविड-19 की तरह फिर से लॉकडाउन लगने वाला है ? सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आ रही है. कई लोग दावा कर रहे हैं कि लॉकडाउन लगने वाला है. इन सब बातों में कितनी सच्चाई है, चलिए जानते हैं कि क्या सच में ईरान-इज़राइल और अमेरिका के crisis के बीच सच में लॉकडाउन लगने वाला है.
लॉकडाउन को लेकर panic तब शुरू हुआ जब पीएम मोदी ने इसका ज़िक्र किया. यह चर्चा तब शुरू हुई जब पीएम मोदी ने संसद में हाल ही में दिए भाषण में COVID-19 का ज़िक्र किया था. हालांकि, किसी भी तरह के लॉकडाउन का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, और प्रधानमंत्री ने कोविड का उदाहरण सिर्फ यह बताने के लिए दिया था कि भारत वैश्विक संकटों से कैसे निपटता है.
पीएम ने क्या कहा था?
पीएम ने कोविड-19 का ज़िक्र करते हुए कहा था कि भारत ने पहले भी एक बड़े global crisis (कोविड) का सामना मिलकर किया है. उसी तरह केंद्र और राज्य मिलकर (“Team India” approach) किसी भी चुनौती से निपट सकते हैं.इसके बावजूद, सोशल मीडिया पर अफवाहों और चिंता का माहौल तेजी से बढ़ता देखा गया.
क्या लगने वाला है लॉकडाउन
दरअसल, पीएम मोदी ने ये बताया था कि भारत वैश्विक संकट का सामना कैसे करता है. इसीलिए उन्होंने कोविड-19 का ज़िक्र किया था. लेकिन, लोगों में लॉकडाउन को लेकर अफवाह तेज़ी से फैल गई. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने शुक्रवार को साफ किया कि कोविड-19 जैसे देशव्यापी लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह गलत हैं.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ऐसी किसी भी योजना पर विचार नहीं कर रही है, भले ही पश्चिम एशिया संकट गहराता जा रहा हो.
उन्होंने X पर लिखा. “भारत में लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह झूठी हैं. मैं साफ कहना चाहता हूँ कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है. ऐसे समय में जरूरी है कि हम शांत, जिम्मेदार और एकजुट रहें.”
क्यों फैली अफवाह
ये अफवाहें तब फैलीं जब पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण Strait of Hormuz जैसे अहम ऊर्जा मार्ग के बंद होने की खबर आई. इससे कुछ जगहों पर पेट्रोल पंपों पर panic buying और LPG सिलेंडर की कमी देखी गई.
हालांकि, पुरी ने भरोसा दिलाया कि भारत की ऊर्जा स्थिति सुरक्षित है. सरकार ईंधन और ऊर्जा की सप्लाई बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठा रही है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में नागरिकों के लिए fuel, energy और जरूरी सामान की uninterrupted supply सुनिश्चित की जा रही है.
उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने पहले भी वैश्विक अनिश्चितताओं का मजबूती से सामना किया है. आगे भी ऐसा ही किया जाएगा. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में West Asia में चल रहे युद्ध पर बात करते हुए कहा था कि लोगों को डरने की जरूरत नहीं है.
क्या है योजना
सरकार हर संभव स्रोत से गैस और कच्चा तेल जुटाने की कोशिश कर रही है. यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा. उन्होंने बताया कि पिछले 11 सालों में देश ने 53 लाख मीट्रिक टन तेल का भंडारण तैयार किया है. आने वाले समय में 65 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त रणनीतिक भंडार बनाने की योजना है.


