उत्तराखंड में बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है. राज्य सरकार ने नंदा गौरा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025–26 में हजारों बालिकाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की है. मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास से डिजिटल माध्यम के जरिए 33,251 बालिकाओं के खातों में कुल 145.93 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की.
नवजात से 12वीं पास छात्राओं तक को मिला लाभ
इस योजना के अंतर्गत इस वर्ष 5,913 नवजात बालिकाएं और 27,338 बारहवीं पास छात्राएं लाभान्वित हुई हैं. नवजात बालिकाओं को 11,000 रुपये की सहायता दी गई, जबकि 12वीं उत्तीर्ण छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए 51,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई.
अब तक 3.77 लाख से अधिक बेटियां लाभान्वित
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि अब तक नंदा गौरा योजना से 3.77 लाख से अधिक बेटियां लाभान्वित हो चुकी हैं. सरकार द्वारा कुल 11 अरब 68 करोड़ 49 लाख रुपये की सहायता राशि बालिकाओं को दी जा चुकी है. यह योजना न केवल कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने में सहायक साबित हो रही है, बल्कि बालिका शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को भी बढ़ावा दे रही है.
बेटियों के हर कदम पर सरकार का साथ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार तक हर स्तर पर उनके साथ खड़ी है. सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें आत्मविश्वास और बेहतर अवसर प्रदान करना है.
महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण से बढ़ी भागीदारी
उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जिससे न केवल महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है, बल्कि सरकारी कार्यसंस्कृति में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है.
सामाजिक बदलाव की मजबूत मिसाल बनी योजना
नंदा गौरा योजना आज प्रदेश में सामाजिक सोच बदलने और बेटियों को आगे बढ़ाने की एक मजबूत मिसाल बन चुकी है.


