पौड़ी: जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जिला मुख्यालय स्थित पुरानी जेल परिसर का स्थलीय निरीक्षण कर इसके जीर्णोद्धार और संरक्षण को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. निरीक्षण के बाद आयोजित बैठक में स्थानीय नागरिकों और व्यापार सभा के पदाधिकारियों से सुझाव भी लिए गए, जिसमें पुरानी जेल को संरक्षित रखते हुए उसे संग्रहालय के रूप में विकसित करने पर सहमति बनी.
जर्जर हिस्सों की होगी मरम्मत, मजबूत संरचना रहेगी सुरक्षित
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पुराने जेल भवन को पूरी तरह ध्वस्त नहीं किया जाएगा. केवल अत्यधिक जर्जर और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की जाएगी, जबकि मजबूत हिस्से को सुरक्षित रखते हुए भवन का ऐतिहासिक स्वरूप बनाए रखा जाएगा. उन्होंने निर्देश दिए कि जेल से जुड़ी ऐतिहासिक वस्तुओं और विरासत को संरक्षित कर व्यवस्थित रूप से प्रदर्शित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां क्षेत्र के इतिहास से परिचित हो सकें.
जेल परिसर में नए कार्यालय और पार्किंग का होगा निर्माण
जिलाधिकारी ने बताया कि जेल परिसर की शेष भूमि, जहां वर्तमान में जर्जर कार्यालय स्थित हैं, वहां नए कार्यालय कक्ष और पार्किंग का निर्माण किया जाएगा. बैठक में विधायक राजकुमार पोरी ने भी पुरानी जेल को जनपद की ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए उसके संरक्षण पर जोर दिया और इसे संग्रहालय के रूप में विकसित करने की आवश्यकता बताई.
कॉन्सेप्ट प्लान 10 अप्रैल तक तैयार करने के निर्देश
आर्किटेक्ट मयंक अग्रवाल के प्रस्तुतिकरण के बाद जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि परिसर में संचालित कार्यालयों के लिए नए भवन बनाए जाएंगे. साथ ही पुरानी जेल के मुख्य हिस्से को स्मारक के रूप में सुरक्षित रखते हुए पारंपरिक पहाड़ी शैली में निर्माण कार्य की योजना तैयार की जाएगी. उन्होंने कार्यदायी संस्था को 10 अप्रैल तक कॉन्सेप्ट प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए.
जेल संग्रहालय में दिखेगी ऐतिहासिक विरासत
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि पुरानी जेल से संबंधित वस्तुओं को संरक्षित कर प्रदर्शित किया जाए, ताकि उसका भावनात्मक और ऐतिहासिक महत्व बना रहे. प्रभारी पुरातत्व अधिकारी अनिरुद्ध सिंह बिष्ट ने बताया कि गेट, फाइबर प्रतिमाएं, वर्दियां, हथकड़ियां, बेड़ियां और कैदियों से जुड़ी अन्य वस्तुओं को प्रदर्शित कर एक आकर्षक जेल संग्रहालय विकसित किया जा सकता है.
बैठक में कई अधिकारी और स्थानीय लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. यशवंत कटोच, अधिशासी अभियंता रीना नेगी, पेयजल निगम के बीरेंद्र भट्ट, सहायक अभियंता अनिल नेगी, नगर पालिका के संजय कुमार, तहसीलदार दीवान सिंह राणा सहित कई अधिकारी, व्यापारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे.


