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राजस्थान में प्राइवेट बस हड़ताल से हालात खराब, लाखों यात्री फंसे

Mintwire by Mintwire
25/02/2026
in राज्य
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राजस्थान में प्राइवेट बस ऑपरेटरों की राज्य-भर में हड़ताल से यात्रा बुरी तरह प्रभावित हो गई है, खासकर होली से पहले हजारों यात्री फंस गए हैं. पिछले दो दिनों से करीब 30,000 प्राइवेट बसें सड़कों पर नहीं चल रही हैं, जिससे बड़े बस स्टैंडों पर भीड़ और यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है.

जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड पर ऑल राजस्थान कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस संगठन के सदस्यों ने कहा कि सरकार से कई बार बातचीत के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ. यूनियन प्रतिनिधि महेंद्र जालवानिया ने बताया कि उन्होंने कई बार अपनी मांगें दीं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब या भरोसा नहीं मिला. सरकार के साथ तीसरे दौर की बातचीत जल्द होने की उम्मीद है.

बस ऑपरेटरों की क्या हैं मांग

बस ऑपरेटरों की मांग है कि आरटीओ अधिकारी धर्मेंद्र चौधरी और इंस्पेक्टर राजेश चौधरी को निलंबित किया जाए, क्योंकि उन पर परेशान करने का आरोप है. इसके अलावा वे राजस्थान में एआईपीपी परमिट टैक्स कम करने की मांग कर रहे हैं, जैसा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में है. साथ ही मोटर वाहन अधिनियम की धारा 153 के तहत की जा रही कार्रवाई रोकने की भी मांग की गई है.

इस हड़ताल से राजस्थान रोडवेज पर अतिरिक्त दबाव पड़ गया है, क्योंकि अभी केवल करीब 3,300 सरकारी बसें ही चल रही हैं, जबकि सामान्य दिनों में प्राइवेट और सरकारी मिलाकर करीब 35,000 बसें रोजाना लगभग 25 लाख यात्रियों को ले जाती हैं.

यात्रियों को करना पड़ा घंटों इंतज़ार

जयपुर के सिंधी कैंप, हीरापुरा, चौमूं सर्किल और ट्रांसपोर्ट नगर जैसे बस स्टैंडों पर कई ट्रैवल एजेंसियां बंद रहीं और बहुत कम बसें चलती दिखीं. कई यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा या दूसरा साधन ढूंढना पड़ा.

कितनी बसे हैं बंद

करीब 15,000 प्राइवेट स्लीपर बसें, जो रोज लगभग 6 लाख यात्रियों को ले जाती हैं, बंद हैं. वहीं करीब 20,000 लोकल और स्टेज कैरिज बसें, जो रोज 12 लाख यात्रियों को ले जाती हैं, भी प्रभावित हैं.

खाटूश्यामजी जाने वाले और होली पर घर लौटने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, हिसार, सीकर, चूरू, झुंझुनूं, पिलानी, सांभर, फुलेरा और कुचामन जैसे कई रूट सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं.

यूनियन का कहना है कि इस हड़ताल से आम लोगों के साथ-साथ होटल, पर्यटन और छोटे कारोबार से जुड़े हजारों लोगों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हो रही है. उन्होंने उम्मीद जताई कि अगर सरकार उनकी मांगें मान लेती है तो हड़ताल जल्द खत्म हो सकती है.

Tags: rajastha news hindirajasthan bus strikerajasthan bus strike news
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